Ranchi : 12वें विश्व योग दिवस के अवसर पर जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली के दयानंद प्रेक्षागृह में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सुबह आयोजित कार्यक्रम में एनएसएस के 30 स्वयंसेवकों, एनसीसी के 32 कैडेटों और 20 अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विद्यालय के शारीरिक शिक्षकों डॉ. मोती प्रसाद, दीपक सिन्हा, डॉ. राखी शर्मा, ममता सिंह, आनंद विकास लुगुन, कुणाल किशोर और राजकुमारी के निर्देशन में विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया. इस दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, वज्रासन, पद्मासन, भुजंगासन, शवासन सहित अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी जैसे प्राणायाम कराए गए.
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उपशीर्षक : योग को बताया जीवन जीने की कला
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्राचार्य बी.एन. झा ने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला बताया. उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे वैश्विक पहचान मिली है. वर्तमान प्रतिस्पर्धी और तनावपूर्ण जीवन में योग मानसिक संतुलन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने विद्यार्थियों से योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया.
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उपशीर्षक : सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्यक्रम का समापन
प्राचार्य ने कहा कि योग छात्रों में आत्म-अनुशासन, धैर्य और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देता है तथा किशोरावस्था की चुनौतियों से निपटने में भी सहायक है. कार्यक्रम का समापन योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ. पूरे आयोजन के दौरान सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का माहौल बना रहा तथा विद्यार्थियों ने स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया.


