NEWS DESK: आज के समय में सिर्फ पैसे की बचत करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही जगह इस्तेमाल करना या यूँ कहें निवेश करना भी बेहद जरूरी है. आमतौर पर लोग सुरक्षित निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का सहारा लेते हैं, लेकिन महंगाई की दर के मुकाबले FD का रिटर्न अक्सर कम पड़ जाता है. ऐसे में अगर आप बिना ज्यादा जोखिम उठाए बेहतर रिटर्न और भविष्य के लिए नियमित आय चाहते हैं, तो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक अच्छा विकल्प बन सकता है.
बता दें, NPS एक सरकारी वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम है, जिसमें जमा किया गया पैसा विशेषज्ञों द्वारा सरकारी सिक्योरिटीज, कॉरपोरेट बॉन्ड्स और शेयर बाजार में निवेश किया जाता है. इसका मूल उद्देश्य निवेशकों को रिटायरमेंट के समय एक बड़ी राशि उपलब्ध कराना और उसके बाद जीवन भर पेंशन की सुविधा देना है.

FD के मुकाबले NPS क्यों बेहतर है?
FD में ब्याज दर स्थिर रहती है, जबकि NPS ने ऐतिहासिक रूप से 8% से 12% तक सालाना रिटर्न दिया है.
NPS में निवेश पर टैक्स लाभ भी मिलता है. यह 80C के साथ-साथ 80CCD (1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त छूट भी देता है.
लंबी अवधि के निवेश से ‘ब्याज पर ब्याज’ का फायदा होता है, जिससे फंड तेजी से बढ़ता है.
रिटायरमेंट में मिलेगा पैसों का इंतजाम
निवेशक 60 साल की उम्र पूरी होने पर अपने कुल फंड का 60% हिस्सा एक साथ निकाल सकते हैं, जो टैक्स फ्री होता है. बाकी 40% का उपयोग एन्युटी (Annuity) खरीदने में किया जाता है, जिससे उन्हें हर महीने निश्चित पेंशन मिलती है.
निवेशक चाहे तो इसे 75 साल की उम्र तक जारी रख सकता है. NPS का यह तरीका FD के मुकाबले ज्यादा लचीलापन और बेहतर रिटर्न देता है, जिससे आपकी रिटायरमेंट की योजना मजबूत और सुरक्षित बनती है.
