SAURAV SINGH
Ranchi : झारखंड में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. झारखंड पुलिस द्वारा साल 2026 में तैयार की गई इस उच्च स्तरीय रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई जिलों में त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. रिपोर्ट में राज्य के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिलों और हाल ही में हुई बड़ी हिंसक घटनाओं का पूरा ब्यौरा देते हुए अलर्ट जारी किया गया है.
छोटे त्योहारों पर भी बढ़ा खतरा, जुलूसों में महिलाओं और बच्चों की भागीदारी से बढ़ी पुलिस की चुनौती:
– पुलिस रिपोर्ट में एक नया और गंभीर ट्रेंड सामने आया है. अब केवल बड़े और पारंपरिक त्योहार ही नहीं, बल्कि छोटे त्योहार भी तेजी से सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील होते जा रहे हैं.
– हाल के वर्षों में सरस्वती पूजा, गणेश पूजा और मिलाद-उन-नबी जैसे मौकों पर भी कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्याएं और झड़पें देखी गई हैं.
– रिपोर्ट के अनुसार, लगभग सभी त्योहारों के दौरान निकलने वाले जुलूसों में युवाओं और बच्चों के साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी बड़े पैमाने पर बढ़ी है.
– भीड़ में महिलाओं और बच्चों की इस भारी मौजूदगी के कारण पुलिस के लिए बल प्रयोग करना या सुरक्षा प्रबंधन को संभालना पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील हो गया है.
केवल धर्म ही नहीं, भूमि अधिग्रहण, विस्थापन और परीक्षाओं को लेकर भी सुलग रहा है विवाद:
– रिपोर्ट साफ करती है कि झारखंड में कानून-व्यवस्था बिगड़ने के पीछे सिर्फ धार्मिक कारण ही नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर भी असंतोष बढ़ रहा है.
– राज्य के विभिन्न हिस्सों में जमीन अधिग्रहण और विस्थापन से जुड़े मुद्दों के कारण हाल के दिनों में कई बड़ी हिंसक घटनाएं और विरोध प्रदर्शन सामने आए हैं.
– विभिन्न प्रतियोगी या शैक्षणिक परीक्षाओं के आयोजन और उनके प्रश्नपत्र लीक होने या धांधली के आरोपों के दौरान भी छात्रों के उग्र प्रदर्शनों से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के मामले सामने आ रहे हैं.
– राज्य में चल रही सरकार की विभिन्न विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता जताई गई है, क्योंकि इन प्रोजेक्ट्स को भी निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है.
झारखंड के 8 संवेदनशील जिले: गढ़वा और खूंटी बने नए हॉटस्पॉट:
– पुलिस ने राज्य के उन जिलों को चिन्हित किया है जहां सांप्रदायिक तनाव की आशंका सबसे ज्यादा रहती है. इस सूची में छह पुराने संवेदनशील जिलों के साथ-साथ दो नए जिलों का नाम जुड़ गया है.
– पुराने संवेदनशील जिले में हजारीबाग, गिरिडीह, लोहरदगा, पलामू, साहेबगंज और पाकुड़ शामिल है.
– नए उभरते हॉटस्पॉट जिले में गढ़वा और खूंटी ऐसे दो जिले हैं, जो हालिया घटनाओं के बाद तेजी से नए संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में उभरे हैं.
हाल की बड़ी सांप्रदायिक घटनाएं और पुलिसिया कार्रवाई:
– रिपोर्ट के मुताबिक हाल के महीनों में विभिन्न त्योहारों के दौरान डीजे बजाने और पथराव जैसी घटनाओं के कारण बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की गई हैं.
– हजारीबाग: इचाक में 26 फरवरी 2025 महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था. इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.
– खूंटी: जिले के मुरहू में 28 मार्च 2026 को रामनवमी की पूर्व संध्या पर पथराव की घटना हुई थी. इस मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.
– गढ़वा: जिले के रामकंडा में 25 मार्च 2026 रामनवमी की पूर्व संध्या पर डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था. इस मामले 21 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.
– गिरिडीह: जिले के धनवार (घोरथम्बा) में 14 मार्च 2025 को होली की पूर्व संध्या पर पथराव की घटना हुई थी. इस मामले 22 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.
– पलामू: जिले के पाटन सात जुलाई 2025 को मुहर्रम की पूर्व संध्या पर डीजे बजाने का विवाद हुआ था. इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.


