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चाईबासा में योग दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

West Simbhum: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बिरसा मुंडा...

West Simbhum: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बिरसा मुंडा इंडोर स्टेडियम, चाईबासा में जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की.

दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला उपायुक्त मनीष कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जूझार माझी एवं अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. इसके उपरांत शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि के प्रतीक स्वरूप रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया. इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने योग के माध्यम से स्वस्थ एवं निरोग समाज के निर्माण का संकल्प लिया.

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कॉमन योग प्रोटोकॉल का पालन

कार्यक्रम में प्रशिक्षित योगाचार्य सुमित विश्वकर्मा एवं सोम कुमार नायक ने भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुरूप योगाभ्यास कराया. योग सत्र की शुरुआत प्रार्थना एवं सूक्ष्म व्यायाम से हुई, जिसके बाद प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया.

योगासन और प्राणायाम

योगाभ्यास के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, शशांकासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन तथा शवासन सहित अनेक महत्वपूर्ण योगासन कराए गए. इसके अतिरिक्त अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, उज्जायी एवं शीतली प्राणायाम का अभ्यास भी कराया गया. योग प्रशिक्षकों ने प्रत्येक आसन एवं प्राणायाम के लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है तथा व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है.

उपायुक्त का संबोधन

इस अवसर पर अपने संबोधन में उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का अमूल्य उपहार है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है. उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है. वर्तमान समय में बढ़ती भागदौड़, तनावपूर्ण जीवनशैली एवं विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ जीवन का सबसे सरल, सुलभ एवं प्रभावी उपाय बनकर उभरा है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक पहचान मिली है तथा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ी है. उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज एवं विकसित राष्ट्र की आधारशिला होते हैं.

जिला परिषद अध्यक्ष की अपील

जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन ने अपने संबोधन में कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाता है. उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण उत्पन्न हो रही अनेक समस्याओं का समाधान योग के माध्यम से संभव है. उन्होंने महिलाओं, किशोरियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि योग स्वस्थ परिवार एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

योग से अनुशासन और संतुलन

उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि योग अनुशासन, संयम एवं सकारात्मक सोच का प्रतीक है. योग हमें अपने शरीर एवं मन को समझने तथा जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को समर्पित करे तो वह न केवल स्वयं स्वस्थ रहेगा, बल्कि अपने परिवार एवं समाज को भी स्वस्थ रखने में योगदान देगा.

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स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

सिविल सर्जन डॉ. जूझार माझी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में योग का महत्व अत्यंत व्यापक है. वैज्ञानिक शोधों से यह प्रमाणित हो चुका है कि नियमित योगाभ्यास से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मोटापा, तनाव, अवसाद तथा अन्य गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है. उन्होंने कहा कि योग और प्राणायाम शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं तथा व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से अधिक सक्षम बनाते हैं.

योग का व्यापक महत्व

कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों द्वारा योग के इतिहास, महत्व एवं वैज्ञानिक आधार पर भी प्रकाश डाला गया. प्रतिभागियों को बताया गया कि योग केवल आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक समग्र जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक होती है. योग के माध्यम से व्यक्ति तनावमुक्त जीवन, बेहतर कार्यक्षमता एवं सकारात्मक सोच विकसित कर सकता है.

सम्मान और संकल्प

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से नियमित योगाभ्यास करने तथा अपने परिवार एवं समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने और झारखंड प्रदेश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया. कार्यक्रम का समापन ध्यान सत्र एवं शांति मंत्र के साथ हुआ.

इसके उपरांत स्कूली बच्चों द्वारा विभिन्न योग मुद्राओं का प्रदर्शन किया गया. योग दिवस कार्यक्रम के दौरान योग के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले 10 योग मित्रों को प्रशस्ति पत्र, छात्र-छात्राओं को मेडल तथा दो योग प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया. वहीं मंझारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में तैयार हर्बल गार्डन एवं जिला आयुष कार्यालय में बेहतर कार्य संपादन के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर को भी प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया.

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