Giridih: निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान के तहत रविवार को गिरिडीह शहर में जिला प्रशासन द्वारा एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया. उपायुक्त रामनिवास यादव के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जनसहभागिता को बढ़ावा देना था.
झंडा मैदान से निकली जागरूकता रैली
जागरूकता रैली का शुभारंभ शहर के झंडा मैदान से हुआ. इसके बाद रैली ट्रेंड्स मॉल, सदर अस्पताल, टॉवर चौक और आंबेडकर चौक होते हुए निर्धारित स्थल पर संपन्न हुई. रैली में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां और बैनर लेकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया. इस दौरान “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “स्वस्थ युवा, सशक्त राष्ट्र” तथा “नशामुक्त समाज, सुरक्षित भविष्य” जैसे नारों से पूरे शहर में जागरूकता का माहौल बना रहा.
युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील
रैली के दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और पूरे समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है. उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और उज्ज्वल भविष्य को प्रभावित करता है. यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो इसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा.
उपायुक्त ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है. इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति, अभिभावक, शिक्षक, सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यही उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रख सकता है.
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नशामुक्त गिरिडीह के निर्माण का आह्वान
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता वैभव कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह, जिला नजारत उप समाहर्ता आशुतोष ठाकुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे.
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार की खुशहाली, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की प्रगति में भी बाधा उत्पन्न करता है. जिला प्रशासन ने नागरिकों से निषिद्ध मादक पदार्थों के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ जागरूक रहने तथा नशामुक्त गिरिडीह के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की.


