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News Wave Special: झारखंड के सांसदों की तिजोरी फुल, विकास गुल; सिर्फ 2 सांसद पास, बाकी सब फेल, जमीन पर सिर्फ 41% काम, जानिए सांसदों के काम की कुंडली

Ranchi: झारखंड के राज्यसभा और लोकसभा सांसदों की विकास निधि का जो ताजा आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है, वह काफी चौंकाने वाला...

Ranchi: झारखंड के राज्यसभा और लोकसभा सांसदों की विकास निधि का जो ताजा आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है, वह काफी चौंकाने वाला है. राज्य के कुल 19 सांसदों को मिलाकर सरकार की ओर से 315.9 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की जा चुकी है, लेकिन इसमें से सिर्फ 138.9 करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके हैं. यानी झारखंड का औसत खर्च का प्रतिशत महज 41.2% है. आधे से ज्यादा विकास का पैसा फाइलों और सरकारी खातों में धूल फांक रहा है.

टॉप परफॉर्मर सांसद

दीपक प्रकाश: झारखंड के 19 सांसदों में से केवल 2 सांसद ही ऐसे हैं जिन्होंने 70% से अधिक फंड का इस्तेमाल किया है. इस लिस्ट में राज्यसभा सांसद सबसे आगे नजर आते हैं. फंड खर्च करने के मामले में दीपक प्रकाश झारखंड में नंबर वन पर हैं. इन्हें कुल 22.8 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे, जिसमें से इन्होंने 20.3 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं. इनका फंड यूटिलाइजेशन रिकॉर्ड 89.0% है. इन्होंने 217 कार्यों की सिफारिश की, जिनमें से 146 काम पूरे हो चुके हैं.

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दीपक प्रकाश
दीपक प्रकाश

सुखदेव भगत: लोकसभा सांसदों में सुखदेव भगत ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है. कुल 17.2 करोड़ रुपये के आवंटन में से इन्होंने 13.1 करोड़ रुपये जमीन पर उतारे हैं. इनका खर्च प्रतिशत 76.3% है. हालांकि, इनके द्वारा अनुशंसित 235 कार्यों में से सिर्फ 50 ही पूरे हो पाए हैं. इनकी कार्य पूर्णता दर 17.5% ही है.

सुखदेव भगत
सुखदेव भगत

एवरेज परफॉर्मर्स सांसद

महुआ माजी: महुआ माजी को कुल 23.3 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसमें से उन्होंने 15.8 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इनका खर्च प्रतिशत 67.8% रहा है. इन्होंने 187 में से 149 कार्यों को पूरा करवाया है.

महुआ माजी
महुआ माजी

आदित्य प्रसाद: इन्हें आवंटित 22.8 करोड़ रुपये में से 15.4 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इनका यूटिलाइजेशन 67.5% है और 82 अनुशंसित कार्यों में से 137 (पिछले बकाया सहित) कार्यों को पूरा कर इनकी पूर्णता दर 62.6% रही है.

आदित्य प्रसाद
आदित्य प्रसाद

संजय सेठ: रांची के सांसद संजय सेठ के खाते में 14.7 करोड़ रुपये आए, जिसमें से उन्होंने 8.2 करोड़ रुपये खर्च किए. इनका यूटिलाइजेशन 56.0% है. 101 अनुशंसित कार्यों में से 49 काम पूरे हुए हैं.

संजय सेठ
संजय सेठ

नलिन सोरेन: दुमका के सांसद ने 14.7 करोड़ रुपये में से 7.7 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इनका खर्च प्रतिशत 52.4% है, लेकिन काम पूरा होने की रफ्तार बेहद सुस्त है. 377 कार्यों की सिफारिश में से केवल 36 काम पूरे हुए हैं.

नलिन सोरेन
नलिन सोरेन

कालीचरण मुंडा: इन्हें भी 14.7 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से 7.6 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इनका यूटिलाइजेशन 51.9% है. हालांकि, 252 कामों की सिफारिश के मुकाबले सिर्फ 13 काम पूरे हो सके हैं.

कालीचरण मुंडा
कालीचरण मुंडा

विद्युत वरण महतो: जमशेदपुर के सांसद ने 14.7 करोड़ रुपये में से ठीक आधी राशि यानी 7.3 करोड़ रुपये खर्च की है. इनका यूटिलाइजेशन 50.0% है. चौंकाने वाली बात यह है कि इनके द्वारा अनुशंसित 173 कार्यों में से एक भी काम (0) पूरा नहीं दिखाया गया है.

विद्युत वरण महतो
विद्युत वरण महतो

प्रदीप कुमार वर्मा (राज्यसभा, भाजपा): इन्हें मिले 17.9 करोड़ रुपये में से 8.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इनका यूटिलाइजेशन 47.9% है. इन्होंने 184 कार्यों की सिफारिश की, जिनमें से 23 पूरे हुए.

प्रदीप कुमार वर्मा
प्रदीप कुमार वर्मा

विष्णु दयाल राम: पलामू सांसद ने 15.8 करोड़ रुपये में से 6.4 करोड़ रुपये विकास कार्यों में लगाए. इनका यूटिलाइजेशन 40.8% है. कुल 215 अनुशंसित कार्यों में से 38 काम पूरे हो चुके हैं.

फ्लॉप शो: 40% से नीचे लुढ़के

डॉ. सरफराज अहमद: इन्हें 17.9 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे, लेकिन खर्च सिर्फ 6.2 करोड़ रुपये ही हो पाए. इनका यूटिलाइजेशन 34.9% रहा और 238 कार्यों में से सिर्फ 15 ही पूरे हुए.

डॉ. सरफराज अहमद
डॉ. सरफराज अहमद

चंद्रप्रकाश चौधरी: गिरिडीह के सांसद को 14.7 करोड़ रुपये का फंड मिला, लेकिन खर्च हुआ सिर्फ 4.7 करोड़ रुपये. यूटिलाइजेशन महज 32.1% रहा. इन्होंने रिकॉर्ड 603 कार्यों की सिफारिश की, लेकिन जमीन पर सिर्फ 29 काम ही मुकम्मल हो पाए.

चंद्रप्रकाश चौधरी
चंद्रप्रकाश चौधरी

जोबा माझी: सिंहभूम की सांसद ने 14.7 करोड़ रुपये में से सिर्फ 4.6 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इनका खर्च प्रतिशत 31.6% है. 118 कार्यों की सिफारिश के बावजूद धरातल पर शून्य (0) काम पूरा हुआ है.

जोबा माझी
जोबा माझी

ढुल्लू महतो: धनबाद जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के सांसद का रिकॉर्ड भी सुस्त है. 14.7 करोड़ रुपये में से सिर्फ 4.1 करोड़ रुपये खर्च किए जा सके. इनका यूटिलाइजेशन 27.6% रहा, हालांकि इन्होंने 208 में से 55 काम पूरे जरूर करवाए हैं.

ढुल्लू महतो
ढुल्लू महतो

कालीचरण सिंह: चतरा सांसद ने 14.7 करोड़ रुपये के बड़े फंड में से केवल 3.1 करोड़ रुपये खर्च किए. इनका यूटिलाइजेशन सिर्फ 21.2% है. 498 कार्यों की भारी-भरकम सिफारिश के मुकाबले सिर्फ 1 काम पूरा हुआ है.

कालीचरण सिंह
कालीचरण सिंह

अन्नपूर्णा देवी: केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा होने के बावजूद कोडरमा सांसद अपने क्षेत्र के फंड आवंटन का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाईं. 16.7 करोड़ रुपये में से केवल 3.5 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो कि कुल फंड का मात्र 21.1% है. इन्होंने 264 में से 71 काम पूरे किए हैं.

अन्नपूर्णा देवी
अन्नपूर्णा देवी

विजय कुमार हंसदक: राजमहल के सांसद ने 14.7 करोड़ रुपये में से सिर्फ 2 करोड़ रुपये खर्च किए. इनका यूटिलाइजेशन प्रतिशत गिरकर 13.7% पर आ गया है. 468 कार्यों की सिफारिश के बाद भी पूर्ण काम की संख्या शून्य है.

विजय कुमार हंसदक
विजय कुमार हंसदक

महा-फ्लॉप शो: विकास के नाम पर जीरो, तिजोरी पर लगा ताला

निशिकांत दुबे: इन्हें 14.7 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे, जिसमें से इन्होंने सिर्फ 17.9 लाख रुपये खर्च किए हैं. इनका फंड यूटिलाइजेशन महज 1.2% है. इन्होंने सिर्फ 2 कार्यों की सिफारिश की और दोनों ही अधूरे पड़े हैं.

निशिकांत दुबे
निशिकांत दुबे

मनीष जायसवाल: इन्हें विकास कार्यों के लिए पूरे 14.7 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन इन्होंने इसमें से एक भी नया पैसा (0 रुपये) खर्च नहीं किया है. इनका यूटिलाइजेशन 0.0% है. इन्होंने 195 कार्यों की सिफारिश तो जरूर की, लेकिन धरातल पर काम की शुरुआत या पूर्णता के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है.

मनीष जायसवाल
मनीष जायसवाल
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