Ranchi: झारखंड के खेतों में इस बार पारंपरिक खेती की जगह वैज्ञानिक और हाईटेक फसलों का जादू सिर चढ़कर बोलेगा. राज्य के किसानों को देश की सबसे उन्नत, रोगमुक्त और रिकॉर्डतोड़ पैदावार देने वाली किस्मों से लैस करने के लिए कृषि विभाग ने अभियान शुरू किया है. उद्यान निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सब्जी, मसाला और उद्यानिकी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज आपूर्तिकर्ताओं को सूचीबद्ध करने का फैसला लिया है.
सरकार का पूरा फोकस इस बार ऐसे ‘जादुई बीजों’ पर है, जो कम लागत और कम पानी में भी किसानों की झोली खुशियों से भर देंगे. बिचौलियों का पत्ता साफ करते हुए सीधे देश की नामी कंपनियों से मंगाए गए ये टॉप-क्वालिटी बीज सीधे अन्नदाताओं तक पहुंचाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया बूस्टर डोज मिलना तय माना जा रहा है.

खेतों के लिए चुनी गई हैं ये वर्ल्ड-क्लास किस्में
इस बार उद्यान निदेशालय ने राज्य की मिट्टी और मौसम का बारीकी से अध्ययन करने के बाद बीजों की एक बेहद दमदार सूची तैयार की है. जिसमें बंपर और घनी पैदावार देने में नंबर वन स्वर्ण अभिलंब, कीटों और बीमारियों से लड़ने के लिए एचएबीआर-21 बीज, विपरीत मौसम में भी फसल को सुरक्षित रखने वाली स्वर्ण अजय व स्वर्ण नीलिमा और कम लागत में दोगुना मुनाफा देने के लिए स्वर्ण शक्ति और स्वर्ण मोहित बीजों को चुना गया है.
ब्रोकली और बंदगोभी की सुपर हाइब्रिड किस्में
• ब्रोकली: इसकी सबसे डिमांडिंग और प्रीमियम वैरायटी एनएच-125 और लैक्सिस के बीज बांटे जाएंगे.
• बंदगोभी: अधिक वजनदार और लंबे समय तक फ्रेश रहने वाली एनएच-306, एनएच-308, स्वरा और तन्वी जैसी किस्में किसानों को मिलेंगी.
शिमला मिर्च और गाजर की बंपर वैरायटी
• शिमला मिर्च: इसमें कैलिफोर्निया वंडर-11, वंडर-12, बीएससीएच-888, एनएच-823, एनएच-300, एनएच-22 और स्वर्णा अतुल्य जैसी रॉकस्टार किस्में शामिल हैं.
• गाजर: मीठी और चमकदार पैदावार के लिए ग्रीन आईयूएस, एनएच-958, एनएच एसके, एनएच-955 और कुरोदा के प्रमाणित बीज दिए जाएंगे.
फूलगोभी की सबसे दमदार रेंज
फूलगोभी की उन किस्मों को चुना गया है, जिनकी बाजार में सबसे ज्यादा मांग है. इसमें सोना-11, एनएच-188, एनएच-183, एनएच-448 और टिक टॉक जैसी हाइब्रिड किस्में इस महा-वितरण का मुख्य हिस्सा होंगी.


