Bokaro: सीसीएल कथारा क्षेत्र के अंतर्गत संचालित स्वांग-गोविंदपुर फेज दो परियोजना के ओपन कास्ट माइनिंग में आउटसोर्सिंग का कार्य करने वाली कंपनी बीकेटी के मजदूरों का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया. पिछले दो महीनों से बकाया वेतन का भुगतान नहीं होने से नाराज मजदूरों ने सोमवार को अचानक काम बंद कर दिया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए उग्र प्रदर्शन किया. मजदूरों के इस अचानक कार्य बहिष्कार से परियोजना का आउटसोर्सिंग कार्य पूरी तरह से ठप हो गया. इस आंदोलन का नेतृत्व डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो समर्थित झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के बोकारो जिला सचिव नीलकंठ महतो कर रहे थे. आंदोलन पर उतरे मजदूरों का साफ तौर पर कहना था कि बीकेटी कंपनी पिछले दो महीनों से उनके खून-पसीने की कमाई का भुगतान नहीं कर रही है, जिससे उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इसके अलावा मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा उन्हें नियमानुसार तय न्यूनतम मजदूरी (न्यूनतम वेतन) का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है, जो कि श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है.
यह भी पढ़ें: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और सुधारने का बड़ा मौका : 30 जून को झारखंड के सभी बूथों पर लगेगी ‘चुनाव पाठशाला’

न्यूनतम वेतनमान की मांग
मजदूरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनके पूरे बकाए का भुगतान और न्यूनतम वेतनमान की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे. वहीं दूसरी ओर, इस गंभीर औद्योगिक विवाद और मजदूरों के आंदोलन के संबंध में जब स्वांग-गोविंदपुर परियोजना के परियोजना पदाधिकारी से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं किया, जिसके कारण प्रबंधन का रुख स्पष्ट नहीं हो सका है.
यह भी पढ़ें: बोकारो: बकाया वेतन भुगतान करने की मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग ठेका सफाई कर्मियों का एक दिवसीय हड़ताल


