Bihar: बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 16 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है. रेलवे मुख्यालय हाजीपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन ट्रेनों का परिचालन 23 जून की शाम से शुरू होगा, ताकि विभिन्न जिलों के परीक्षार्थी समय पर अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकें. रेलवे के इस फैसले से जहां कई जिलों के अभ्यर्थियों को राहत मिली है, वहीं किशनगंज जिले के छात्रों में निराशा देखी जा रही है.
23 जून से शुरू होगा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन
रेलवे की ओर से जारी समय-सारणी के अनुसार ट्रेन संख्या 03201 पाटलिपुत्र-सहरसा परीक्षा स्पेशल 23 जून की रात 8 बजे पाटलिपुत्र से रवाना होकर अगले दिन सुबह 5 बजे सहरसा पहुंचेगी. वहीं ट्रेन संख्या 03213 पाटलिपुत्र-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल रात 9:45 बजे खुलेगी और सुबह 7:30 बजे पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी. इसके अलावा ट्रेन संख्या 03205 दानापुर-अररिया कोर्ट स्पेशल रात 10 बजे दानापुर से रवाना होकर सुबह 6 बजे अररिया कोर्ट पहुंचेगी. इसके अतिरिक्त पटना जंक्शन से छपरा, भभुआ रोड और बेतिया के लिए भी विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. गया-मधुबनी, भभुआ रोड-मधुबनी, नवगछिया-पटना, बक्सर-दानापुर, नवादा-जमालपुर तथा किऊल-गया रेलखंडों पर भी परीक्षा स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की गई है.

सीमांचल के दो जिलों को राहत, किशनगंज रह गया पीछे
रेलवे की इस घोषणा से पूर्णिया और अररिया जिले के अभ्यर्थियों को सीधी ट्रेन सेवा का लाभ मिलेगा, लेकिन किशनगंज जिले के लिए किसी विशेष ट्रेन की व्यवस्था नहीं की गई है. किशनगंज, ठाकुरगंज, गलगलिया, तैयबपुर और पौआखाली जैसे इलाकों के हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए अब पहले कटिहार, पूर्णिया या अररिया तक जाना होगा. स्थानीय छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद थी कि कटिहार-किशनगंज रेलखंड पर कम से कम एक मेमू या डेमू परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, लेकिन अंतिम सूची में जिले का नाम शामिल नहीं होने से निराशा बढ़ गई है.
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सामान्य ट्रेनों पर बढ़ सकता है दबाव
किशनगंज के परीक्षार्थियों को स्पेशल ट्रेनों का लाभ लेने के लिए दूसरे स्टेशनों तक पहुंचना पड़ेगा. ऐसे में कटिहार-किशनगंज रेलखंड पर चलने वाली नियमित ट्रेनों में भारी भीड़ होने की संभावना है. इससे न केवल परीक्षार्थियों बल्कि आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. भौगोलिक रूप से बिहार के अंतिम छोर पर स्थित किशनगंज के युवाओं को पटना और गया जैसे शहरों तक पहुंचने के लिए पहले से ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. ऐसे में विशेष ट्रेन नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
जरूरत पड़ने पर चलाई जा सकती हैं अतिरिक्त ट्रेनें
पूर्व मध्य रेलवे ने अपने आदेश में कहा है कि यदि किसी रूट पर परीक्षार्थियों की संख्या अपेक्षा से अधिक पाई जाती है तो संबंधित रेल मंडल अपने स्तर पर अतिरिक्त परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय ले सकता है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी (GRP) को भी स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. फिलहाल किशनगंज जिले के हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें कटिहार रेल मंडल पर टिकी हैं. यदि समय रहते अतिरिक्त ट्रेनों या रैक की व्यवस्था नहीं की गई तो बड़ी संख्या में छात्रों को सामान्य ट्रेनों में भारी भीड़ के बीच सफर करने को मजबूर होना पड़ सकता है.


