News Wave Desk: भारतीय महिला हॉकी टीम की दिग्गज गोलकीपर और पूर्व कप्तान सविता पूनिया के लिए यह समय दोहरी खुशी लेकर आया है. एक ओर भारतीय महिला हॉकी टीम ने FIH नेशंस कप 2026 का खिताब जीतकर प्रो लीग में वापसी सुनिश्चित की, वहीं दूसरी ओर नई दिल्ली के गणतंत्र मंडप में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सविता पूनिया को पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया. यह सम्मान भारतीय हॉकी में उनके उत्कृष्ट योगदान और देश के लिए शानदार उपलब्धियों के लिए दिया गया.
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‘आज जो हूं, हॉकी की वजह से हूं’
एफआईएच नेशंस कप में भारत की जीत और पद्म श्री मिलने के बाद सविता पूनिया ने कहा कि आज वह जो कुछ भी हैं, उसकी वजह हॉकी है. उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे देश का है. सविता ने कहा कि भारत के लिए खेलने का जज्बा कभी खत्म नहीं होगा और वह देश की युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा बनना चाहती हैं.
‘द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर
भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया को उनकी शानदार गोलकीपिंग के कारण ‘द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया’ कहा जाता है. हरियाणा के सिरसा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई. वह 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और इस उपलब्धि तक पहुंचने वाली देश की दूसरी महिला हॉकी खिलाड़ी हैं.
18 साल की उम्र में किया अंतरराष्ट्रीय डेब्यू
सविता ने महज 18 वर्ष की उम्र में भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था. वर्ष 2013 के महिला एशिया कप में भारत को कांस्य पदक दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही. वह 2016 की महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहीं और रियो ओलंपिक 2016 में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां भारतीय महिला हॉकी टीम 36 वर्षों बाद ओलंपिक में पहुंची थी.
कई बड़े टूर्नामेंटों में दिलाई सफलता
वर्ष 2017 में एफआईएच महिला विश्व लीग राउंड-2 में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘गोलकीपर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया. इसके बाद महिला एशिया कप 2017 में भारत की ऐतिहासिक जीत में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा. 2018 एशियाई खेलों और महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को रजत पदक दिलाने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई.
अर्जुन पुरस्कार से लेकर पद्म श्री तक का सफर
सविता पूनिया को वर्ष 2018 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. इसके बाद वर्ष 2022 में उन्हें भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी सौंपी गई. उनकी कप्तानी में भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता, जबकि 2023 और 2024 में महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी अपने नाम किया.
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लगातार तीन बार बनीं दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर
सविता पूनिया ने लगातार तीन वर्षों (2022, 2023 और 2024) में एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर का खिताब जीतकर विश्व हॉकी में भारत का गौरव बढ़ाया. अब पद्म श्री सम्मान मिलने के साथ उनके शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है.


