Ranchi: झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत कुल 59,90,880 राशन कार्ड जारी किए गए हैं, जिनके अंतर्गत 2 करोड़ 62 लाख 72 हजार 999 सदस्य हैं. इनमें से मात्र 2 करोड़ 5 लाख 72 हजार 21 सदस्यों (78.30%) का e-KYC पूरा हो सका है, जबकि 57 लाख 9 हजार 978 लोगों का e-KYC अभी भी लंबित पड़ा है. यह आंकड़ा राज्य की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है.

कई जिलों में स्थिति और भी चिंताजनक
कई जिलों में स्थिति और भी चिंताजनक है. धनबाद जिले में सबसे ज्यादा 4,47,243 लोगों का e-KYC पेंडिंग है, जबकि गिरिडीह में 4,77,892, पलामू में 4,36,870, पूर्वी सिंहभूम में 3,16,486 और रांची में 3,53,393 लोगों का आधार लिंक अभी तक पूरा नहीं हो सका है. कुछ जिलों में पेंडिंग प्रतिशत 80% से भी अधिक पहुंच गया है. पश्चिम सिंहभूम जिले में यह सबसे कम 68.45% है, लेकिन कुल मिलाकर राज्य स्तर पर बड़ी संख्या में लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं. आम जनता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है. e-KYC पूरा न होने के कारण लाखों परिवार राशन की दुकानों पर जाकर भी अनाज नहीं उठा पा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में आधार केंद्रों की दूरी, इंटरनेट की कमी, तकनीकी दिक्कतें और जागरूकता की कमी के चलते यह समस्या और बढ़ गई है. कई बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को खास तौर पर परेशानी हो रही है. लोगों का कहना है कि हर महीने राशन लेने जाते हैं तो मशीन KYC पेंडिंग बता देती है.
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