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अपराधियों पर हजारीबाग पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा, मई में 17 मामलों में 49 दोषियों को मिली सजा

Hazaribagh: अपराध और अपराधियों के विरुद्ध हजारीबाग पुलिस की लगातार कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम अब न्यायालयों में भी दिखाई देने लगा है....

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Hazaribagh: अपराध और अपराधियों के विरुद्ध हजारीबाग पुलिस की लगातार कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम अब न्यायालयों में भी दिखाई देने लगा है. पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में की गई प्रभावी अनुसंधान, साक्ष्य संकलन और न्यायालय में मजबूत पैरवी के कारण मई 2026 के दौरान विभिन्न मामलों में न्यायालय, हजारीबाग ने 17 अलग-अलग कांडों में कुल 49 दोषियों को सजा सुनाई है. पुलिस अधिकारियों ने इसे कानून के राज को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. उनका कहना है कि अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है.

हत्या के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास

हजारीबाग पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप विष्णुगढ़ थाना कांड संख्या 27/10 में हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस फैसले को गंभीर अपराधों के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

पॉक्सो मामलों में भी सख्त रुख

बच्चों के विरुद्ध अपराध के मामलों में भी न्यायालय ने कठोर रुख अपनाया है. पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों में तीन दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई गई है. इससे बाल सुरक्षा के प्रति कानून की संवेदनशीलता और सख्ती का संदेश गया है.

दुष्कर्म मामले में सात वर्ष की सजा

एक दुष्कर्म कांड में दोषी पाए गए एक अभियुक्त को न्यायालय ने सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में त्वरित अनुसंधान सुनिश्चित किया जा रहा है.

दहेज प्रताड़ना मामलों में आठ लोगों को दंड

दहेज से जुड़े चार अलग-अलग मामलों में कुल आठ दोषियों को सजा सुनाई गई. इनमें तीन व्यक्तियों को तीन-तीन वर्ष तथा पांच व्यक्तियों को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा मिली है. पुलिस ने इसे सामाजिक अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का परिणाम बताया है.

मुफस्सिल थाना के मामले में 10 वर्ष की सजा और एक लाख का जुर्माना

 मुफस्सिल थाना कांड संख्या 132/19 में एक अभियुक्त को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है. साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

अन्य मामलों में 33 दोषियों को सजा

इसके अलावा विभिन्न अन्य आपराधिक मामलों में कुल 33 व्यक्तियों को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है. इससे स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा दर्ज मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों की मजबूती के कारण अपराधियों को दंडित कराने में सफलता मिल रही है.

अपराधियों को स्पष्ट संदेश

हजारीबाग पुलिस ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. पुलिस की सक्रियता, वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रभावी न्यायिक समन्वय के कारण अपराधियों को सजा दिलाने की दिशा में लगातार सफलता मिल रही है.अधिकारियों ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल पुलिस बल के लिए उत्साहवर्धक है, बल्कि आम नागरिकों के बीच कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है.

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