Bokaro: झारखंड विधानसभा परामर्श दात्री समिति के सदस्य व जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय तथा जरमुंडी के विधायक विक्रम कुंवर सहित पांच सदस्यीय विधानसभा की टीम मंगलवार की शाम बोकारो थर्मल पहुंची. विधानसभा की टीम का डॉ प्रह्लाद वर्णवाल, विनय सिंह, श्रवण सिंह, हरे राम यादव, जितेंद्र यादव, विक्की साव, मिथिलेश शर्मा और भैरव महतो सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इसके बाद समिति सीधे डीवीसी के दो नंबर एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण करने पहुंची. वहां डीवीसी के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया और जीएम ऐश मैनेजमेंट सिस्टम एए कुजूर ने पूरी टीम का स्वागत किया और प्लांट की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी. इसके बाद टीम ने नूरी नगर स्थित ऐश पौंड का मुआयना किया, जहां भारी अनियमितता देखने को मिली. टीम ने पाया कि डीवीसी के दोनों पौंड पूरी तरह से छाई (राख) से भरे हुए हैं और वहां छाई का पहाड़ खड़ा हो गया है. साथ ही, छाई ढुलाई में लगे हाइवा वाहनों में क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग की जा रही है. इस पर विधायक सरयू राय ने नाराजगी जताते हुए एचओपी को निर्देश दिया कि मानसून आने से पहले ऐश पौंड की स्थिति को दुरुस्त करें और ओवरलोड छाई की ढुलाई पर तुरंत रोक लगाएं, ताकि सड़कों पर छाई न गिरे और प्रदूषण पर लगाम लग सके. इस पर एचओपी ने आश्वस्त किया कि ओवरलोडिंग तुरंत बंद होगी और मानसून से पहले स्थिति सुधार ली जाएगी. उन्होंने टीम को बताया कि फिलहाल बल्कर से ढुलाई बंद है, लेकिन रैक के जरिए ड्राई एवं फ्लाई ऐश की ढुलाई जारी है.

सरयू राय ने सरकार और प्रशासन की मंशा पर उठाए सवाल
निरीक्षण के बाद डीवीसी के निदेशक भवन में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए विधायक सरयू राय ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए. उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जो काम प्रदूषण बोर्ड और जिले के उपायुक्त (डीसी) को करना चाहिए था, वह धरातल पर नहीं दिख रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि औद्योगिक संस्थानों को भी नदियों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए खुद आगे आकर जिम्मेदारी उठानी होगी. हालांकि डीवीसी बोकारो थर्मल और चंद्रपुरा प्रबंधन द्वारा नदी प्रदूषण रोकने के लिए एसटीपी का निर्माण एक सकारात्मक कदम है. सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सरयू राय ने बड़ा आरोप लगाया कि राज्य सरकार की मिलीभगत के कारण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रोक के बावजूद पूरे प्रदेश में बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है. इसके चलते आम जनता को बेहद महंगी दरों पर बालू खरीदनी पड़ रही है, जिससे विकास कार्य और निजी निर्माण पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने धनबाद और बोकारो जिले में पुलिस व प्रशासन की आपसी सांठगांठ से कोयले के काले साम्राज्य और उसके अवैध कारोबार के व्यापक रूप से चलने की बात भी कही.

मौके पर ये रहे मौजूद
मौके पर डीवीसी के डीजीएम मैकेनिकल तीताबर रहमान, वरीय प्रबंधक सिविल सरफराज शेख, वरीय प्रबंधक एचआर पार्थ सारथी मुखर्जी, अंकित राज और उमैर राशिद,राजेश सिंह, भरत जी पटेल के जीएम सहित कई अन्य अधिकारी एवं लोग एवं कार्यकर्ता भी मुख्य रूप से उपस्थित थे.


