रांची: झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2026-2031 को लेकर मतदान से पहले एक नया कानूनी विवाद सामने आ गया है. चुनाव में कम से कम पांच प्राथमिकता वोट देने की अनिवार्यता को चुनौती दी गई है, जिस पर झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी.

मतदान के लिए जारी किए गए विस्तृत दिशा-निर्देश
झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव को लेकर निर्वाचन पदाधिकारियों और मतदाताओं के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. चुनाव में मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और गोपनीय बनाने पर विशेष जोर दिया गया है. इस चुनाव के लिए मतदान 12 मार्च को होना है.
23 प्राथमिकता वोट तक देने का प्रावधान
निर्वाचन दिशा-निर्देश के अनुसार प्रत्येक मतदाता अधिकतम 23 प्राथमिकता वोट दे सकता है. हालांकि इसमें कम से कम पांच प्राथमिकताएं देना अनिवार्य रखा गया है. यदि कोई मतदाता पांच से कम प्राथमिकता वोट देता है, तो उसका मत रद्द किए जाने का प्रावधान है.
नियम को अदालत में दी गई चुनौती
अब इसी प्रावधान को अदालत में चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि कम से कम पांच वोट देना अनिवार्य करना उचित नहीं है और ऐसा करने पर मत रद्द करने का नियम सही नहीं है.
हाईकोर्ट में कल होगी सुनवाई
चूंकि चुनाव 12 मार्च को होना है, ऐसे में इस मामले पर जल्द सुनवाई तय की गई है. झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ बुधवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी.
100 उम्मीदवार मैदान में
झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2026-2031 में कुल 100 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें 25 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं.
25 हजार से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
राज्य भर से कुल 25,001 मतदाता इस चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें से 5 महिला समेत कुल 23 पदाधिकारियों का चयन किया जाएगा.

