Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय ने परीक्षा और पढ़ाई के तरीके में बड़ा बदलाव किया है. विश्वविद्यालय ने तय किया है कि अब यूजी और पीजी के टॉपर्स की उत्तरपुस्तिकाएं विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी. जिससे छात्र यह समझ सकें कि बेहतर अंक लाने वाले जवाब लिखते कैसे हैं. एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर की अध्यक्षता में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इस फैसले के साथ डीएसपीएमयू झारखंड का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है, जहां मेधावी विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं को ‘मॉडल आंसर कॉपी’ के रूप में छात्रों के सामने रखा जाएगा. विश्वविद्यालय का मानना है कि परीक्षा में सफलता केवल विषय की जानकारी से नहीं, बल्कि जवाब लिखने के तरीके से भी तय होती है. कई छात्र पढ़ाई अच्छी करते हैं, लेकिन उत्तरों की प्रस्तुति, भाषा, क्रम और विश्लेषण की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं. अब टॉपर्स की कॉपियां देखकर वे समझ सकेंगे कि किसी सवाल का जवाब किस ढंग से लिखा जाए, किन बिंदुओं पर जोर दिया जाए और उत्तर को प्रभावी कैसे बनाया जाए.
अन्य मुद्दों पर भी हुई चर्चा
यह पहल विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का अवसर देगी. इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी. छात्रों में आत्मविश्वास आएगा और वे अपनी कमियों को पहचानकर सुधार सकेंगे. शिक्षा सिर्फ डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि सीखने की गुणवत्ता भी बेहतर हो इसलिए ये कदम उठाया गया है. बैठक में परीक्षा में सुधार, शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने, मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई. विद्यार्थियों के समग्र विकास, पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता और अकादमिक गतिविधियों को बेहतर बनाने से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई.

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