Bundu: पांचपरगना क्षेत्र की प्रसिद्ध लोक नृत्यांगना एवं राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त कलाकार बुटन देवी के ताऊ स्थित आवास पर सोमवार को आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो पहुंचे और उन्हें सम्मानित किया. इस अवसर पर कलाकारों की टीम ने पारंपरिक पांचपरगनिया नृत्य-गीत प्रस्तुत कर उनका भव्य स्वागत किया. बुटन देवी को सम्मानित करते हुए सुदेश महतो ने कहा, कि वे केवल पांचपरगना ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं. उन्होंने कहा कि बुटन देवी जैसी कलाकार राष्ट्रीय संपत्ति हैं और आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को सदैव याद रखेंगी. उनकी पहचान झारखंड की प्रसिद्ध लोक नृत्यांगना एवं मधुर स्वर की कलाकार के रूप में स्थापित है.
कलाकारों का जीवन संघर्षपूर्ण- सुदेश महतो
सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड राज्य का गठन भाषा, संस्कृति और पहचान के आधार पर हुआ है. कला और संस्कृति से जुड़े कलाकारों का जीवन संघर्षपूर्ण होता है, इसलिए सरकार को उनके तथा उनके परिवार के आर्थिक भरण-पोषण और सामाजिक सुरक्षा के विषय में गंभीरता से विचार करना चाहिए. इस दौरान उन्होंने बुटन देवी, उनके पति लखीचरण मुंडा, विश्वनाथ महतो, जीवन मुंडा समेत कलाकार दल के सभी सदस्यों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया.

पिछले 45 वर्षों से लोक नृत्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय हैं बुटन देवी
गौरतलब है कि पांचपरगना की माटी से जुड़ी बुटन देवी पिछले 45 वर्षों से लोक नृत्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने हजारों मंचों पर अपनी प्रस्तुति देकर पांचपरगना की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है. हाल ही में उन्हें राष्ट्रपति द्वारा संगीत नाटक अकादमी सम्मान से सम्मानित किया गया, जिसे पूरे पांचपरगना क्षेत्र के लिए गौरव की उपलब्धि माना जा रहा है. मौके पर आजसू पार्टी के जिला वरीय उपाध्यक्ष राजकिशोर कुशवाहा, केंद्रीय सचिव श्याम कुमार महतो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
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