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बोकारो: CCL स्वांग-गोविंदपुर फेज दो में आउटसोर्सिंग मजदूरों का चक्का जाम पांचवें दिन भी जारी, वार्ता रही विफल

Bokaro: सीसीएल कथारा क्षेत्र अंतर्गत स्वांग-गोविंदपुर फेज दो खुली खदान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी बीकेटी के खिलाफ मजदूरों का चक्का जाम बुधवार...

Bokaro: सीसीएल कथारा क्षेत्र अंतर्गत स्वांग-गोविंदपुर फेज दो खुली खदान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी बीकेटी के खिलाफ मजदूरों का चक्का जाम बुधवार को पांचवें दिन भी जारी रहा. इससे पूर्व आंदोलन के चौथे दिन मंगलवार की रात मजदूरों के बुलावे पर डुमरी विधायक जयराम महतो आंदोलन स्थल पहुंचे थे. उन्होंने सीसीएल के परियोजना पदाधिकारी और संबंधित कंपनी प्रबंधन के साथ मजदूरों की मांगों को लेकर वार्ता की, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई लिखित आश्वासन न मिलने के कारण यह वार्ता पूरी तरह विफल हो गई. लिखित सहमति नहीं बनने पर विधायक जयराम महतो ने स्पष्ट किया कि जब तक चालकों और अन्य मजदूरों को कंपनी की तरफ से लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन अनिश्चितकालीन समय के लिए जारी रहेगा. विगत दो महीनों से पूरा वेतन नहीं मिलने के कारण परेशान ड्राइवरों और मजदूरों ने काम पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे खदान में डंपर खड़े हैं और कोयला उत्पादन पूरी तरह बाधित है. आंदोलनकारी मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी प्रबंधन ने जल्द ही टेबल पर बैठकर सकारात्मक बात नहीं की, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.

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उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

मजदूरों का आरोप है कि बीकेटी कंपनी उन्हें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दे रही है. इसके अलावा, कुछ ही मजदूरों को पहचान पत्र दिए गए हैं जबकि अधिकांश श्रमिक अब तक आईडी कार्ड से वंचित हैं. श्रमिकों में सबसे ज्यादा आक्रोश कंपनी द्वारा भरवाए जा रहे स्वघोषणा पत्र को लेकर है, जिसमें यह शर्त रखी गई है कि यदि कोई मजदूर अपने हक के लिए आवाज उठाएगा या आंदोलन करेगा, तो उसे नौकरी से हटा दिया जाएगा. खदान में दिन-रात डंपर चलाने वाले चालक नवीन कुमार महतो, पप्पू महतो, सुनील कर्मकार, जीतू महतो, जयलाल महतो, रिकी मिश्रा, रवींद्र महतो और कुंजलाल महतो ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे घर-परिवार छोड़कर खदानों में मुस्तैदी से ड्यूटी करते हैं, इसके बावजूद उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है. दो महीने से वेतन न मिलने के कारण उनके घरों में राशन खत्म हो चुका है और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. मजदूरों ने क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि पांच दिनों तक चले चक्का जाम के बाद भी बीकेटी कंपनी के मुख्य प्रबंधक ने एक बार भी उनसे सीधे बात नहीं की और सारी बातचीत बिचैलियों के माध्यम से कराने का प्रयास किया जा रहा है. चालकों ने साफ किया कि वे कंपनी के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे सीधे प्रबंधक से मिलकर टेबल पर बैठकर समस्या का समाधान चाहते हैं. उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि यदि बकाया मानदेय का भुगतान और न्यूनतम मजदूरी को लागू नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को पूरे गोविंदपुर क्षेत्र में विस्तार दिया जाएगा, जिससे सीसीएल का उत्पादन और भी बुरी तरह प्रभावित होगा.

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मजदूरों की मुख्य मांगें

मजदूरों की मुख्य मांगों में एचपीसी वेतनमान लागू करने, पांच दिनों का काटा गया वेतन वापस बहाल करने, वेतन भुगतान की समय-सीमा तय कर हर महीने की एक से पांच तारीख के बीच भुगमान करने और सभी मजदूरों का समान वेतन लागू करने की मांग शामिल है. इसके साथ ही श्रमिक हर महीने समय पर ईपीएफ का पैसा जमा करने, रविवार को काम कराने पर दोगुना भुगतान देने, होली, दुर्गा पूजा, बकरीद व क्रिसमस जैसे त्योहारों पर बोनस देने तथा सुरक्षा के मद्देनजर समय पर ड्रेस और जूते की व्यवस्था करने की मांग पर अड़े हैं. इस आंदोलन के दौरान कार्यस्थल पर जेएलकेएम के बोकारो जिला सचिव नीलकंठ महतो, बेरमो प्रखंड अध्यक्ष भानु प्रताप महतो, डॉ दशरथ महतो, विधायक प्रतिनिधि खागेंद्र महतो, महेश महतो, वरुण कुमार, कपिल कुमार, दिनेश महतो और मनोज महतो सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित थे.

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