Hazaribagh: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत करीब 500 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन भुगतान नहीं होने से उनके परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. मामले को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी ने उपायुक्त हेमंत सती को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है.
राशन और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. कई परिवारों के घरों में राशन की कमी हो गई है, जबकि कुछ बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. आर्थिक तंगी के कारण कई परिवार आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था भी नहीं कर पा रहे हैं.

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मी सबसे अधिक प्रभावित
वेतन भुगतान नहीं होने से प्रभावित कर्मचारियों में एएनएम, जीएनएम, वार्ड बॉय, लैब असिस्टेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर और ओटी असिस्टेंट सहित अन्य कर्मी शामिल हैं. ये सभी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सीपीएम जिला सचिव गणेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार अस्पताल प्रबंधन से बातचीत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला. कर्मचारियों को केवल आश्वासन मिलता रहा, जबकि वेतन भुगतान की समस्या जस की तस बनी हुई है.
उपायुक्त को सौंपा गया ज्ञापन
पार्टी की ओर से उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है. ज्ञापन में कहा गया है कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका को देखते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है. सीपीएम ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान जल्द नहीं किया गया तो संगठन प्रभावित कर्मियों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू करेगा. पार्टी का कहना है कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी.
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