Koderma: झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं गोड्डा विधायक प्रदीप यादव के कोडरमा आगमन पर जे.जे. कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर जिले की शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालय स्थानांतरण से जुड़ी समस्याओं को लेकर मांग पत्र सौंपा. समिति ने कोडरमा के डिग्री कॉलेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से हटाकर सर जे.सी. बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह से संबद्ध किए जाने के निर्णय का विरोध जताया. प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इस फैसले से जिले के छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे.
छात्र हितों की अनदेखी का आरोप
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि कोडरमा जिले की शिक्षा व्यवस्था पहले से कई चुनौतियों का सामना कर रही है. ऐसे में विश्वविद्यालय परिवर्तन का निर्णय छात्रों के शैक्षणिक हितों के प्रतिकूल साबित हो सकता है. उन्होंने मांग की कि जिले के सभी डिग्री कॉलेजों को पूर्व की भांति विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से ही संबद्ध रखा जाए.

उच्च शिक्षा के विकास की भी उठी मांग
ज्ञापन में जिले में उच्च शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई. समिति ने कहा कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें उचित मंच पर उठाने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा और उनकी समस्याओं को संबंधित स्तर पर रखा जाएगा.
संघर्ष जारी रखने का ऐलान
समिति के सदस्यों ने कहा कि “शिक्षा बचाओ, कोडरमा बचाओ, छात्रों-नौजवानों का भविष्य बचाओ” अभियान आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा. प्रतिनिधिमंडल में समिति अध्यक्ष महेश भारती, सचिव देवेंद्र कुमार और सह सचिव मो. अली शाद शामिल थे.


