Ranchi: मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और पूरी तरह सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए रांची पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है. त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों, अफवाह फैलाने वालों और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से गुरुवार को राजधानी रांची की सड़कों पर सुरक्षा बलों ने एक फ्लैग मार्च निकाला. इस फ्लैग मार्च के जरिए जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है, कि सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक, हर गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर है और माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश से कड़ाई से निपटा जाएगा.
सड़कों पर उतरा अधिकारियों का भारी अमला
सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि इस फ्लैग मार्च का नेतृत्व खुद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया. मार्च में रांची के सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी, अनुमंडल पदाधिकारी, सिटी डीएसपी समेत पुलिस और प्रशासनिक महकमे के कई आला अधिकारी मुख्य रूप से शामिल रहे.

RAF की तैनाती, संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर
फ्लैग मार्च में जिला पुलिस के जवानों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टुकड़ियों को भी बड़ी संख्या में तैनात किया गया था. आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और हथियारों से लैस जवानों का यह काफिला राजधानी के अलबर्ट एक्का चौक से रवाना हुआ. इसके बाद यह मार्च एकरा मस्जिद चौक, कर्बला चौक और मेन रोड जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शहर के विभिन्न संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों तक गया. पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है, कि वे किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें. यदि कोई संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति नजर आता है, तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने या कंट्रोल रूम को दें.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ड्रोन से भी होगी निगरानी
सूत्रों के अनुसार, मोहर्रम के मद्देनजर रांची के चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की जा रही है. संवेदनशील मोड़ों और चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के अलावा ड्रोन के जरिए भी भीड़ और छतों की निगरानी रखने की योजना बनाई गई है. सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो उपद्रवियों पर नजर रखेंगे. पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि त्योहार के रंग में भंग डालने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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