Ranchi: राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन को अब और गति मिलेगी. विभिन्न जिलों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से दी जा रही सेवाओं के लिए सरकार ने कुल 274 करोड़ 57 लाख रुपये का विशाल आवंटन जारी किया है. इसके साथ ही रांची सदर अस्पताल में ‘सेंट्रल रेडियोलॉजी हब’ के सुचारू संचालन के लिए अतिरिक्त 30 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, ताकि मरीजों को अत्याधुनिक जांच सुविधाएं मिल सकें.
आउटसोर्सिंग सेवाओं के लिए रिकॉर्ड आवंटन
राज्य सरकार ने अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, प्रयोगशालाओं और डायग्नोस्टिक सेंटरों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन और प्रशासनिक खर्चों के लिए यह राशि जारी की है. अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह राशि राज्य के सभी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए आवंटित की गई है.

किस जिले को कितनी मिली राशि
• रांची: राजधानी के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए सबसे बड़ी राशि 47,30,00,000 रुपये आवंटित की गई है.
• हजारीबाग: यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 21,98,00,000 रुपये दिए गए हैं.
• पलामू: जिले में आउटसोर्सिंग सेवाओं के लिए 19,70,00,000 रुपये का प्रावधान किया गया है.
• गिरिडीह: यहां के संस्थानों के लिए 19,50,00,000 रुपये आवंटित किए गए हैं.
• गुमला: आदिवासी बहुल इस जिले के लिए 19,15,00,000 रुपये की स्वीकृति दी गई है.
• दुमका: उपराजधानी के स्वास्थ्य केंद्रों को 14,51,00,000 रुपये मिले हैं.
• जामताड़ा: यहां 14,10,00,000 रुपये का आवंटन सुनिश्चित किया गया है.
अन्य जिलों को भी मिला आवंटन
पूर्वी सिंहभूम (10.83 करोड़), रामगढ़ (9.79 करोड़), पश्चिमी सिंहभूम (9.90 करोड़), सरायकेला-खरसावां (9.70 करोड़), चतरा (8.87 करोड़), गढ़वा (8.20 करोड़), लातेहार (7.20 करोड़), लोहरदगा (6.61 करोड़), साहेबगंज (6.08 करोड़), सिमडेगा (5.94 करोड़), खूंटी (5.91 करोड़), पाकुड़ (5.26 करोड़) और धनबाद (1.36 करोड़) के लिए राशि आवंटित की गई है. इसके अलावा इटकी आरोग्यशाला के लिए 72 लाख रुपये और राजकीय फार्मेसी संस्थान, बरियातू के लिए 39 लाख रुपये जारी किए गए हैं. आयुष निदेशालय, नामकुम को भी 10 लाख रुपये का आवंटन मिला है.
रांची सदर अस्पताल को विशेष सौगात
स्वास्थ्य विभाग ने रांची सदर अस्पताल में संचालित ‘सेंट्रल रेडियोलॉजी हब’ के लिए 30 लाख रुपये की अलग से स्वीकृति दी है. यह राशि रेडियोलॉजी विभाग में मानव संसाधन के वेतन और संचालन व्यय पर खर्च होगी. सिविल सर्जन, रांची को यह राशि नियमानुसार खर्च करने और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रमाणित करने का निर्देश दिया गया है.


