Bermo: अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के ए पावर प्लांट के संस्थापक कर्मियों में शामिल 96 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी सरदार महेंदर सिंह का निधन हो गया. उन्होंने अपने बोकारो थर्मल स्थित आवास पर अंतिम सांस ली. उनका अंतिम संस्कार सोमवार को स्थानीय कोनार नदी घाट पर किया गया. उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. सरदार महेंदर सिंह का डीवीसी और बोकारो थर्मल के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा. उन्होंने डीवीसी के ए पावर प्लांट के निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाई थी. संयंत्र का निर्माण पूरा होने के बाद उन्होंने बतौर नियमित कर्मचारी यहां अपनी सेवाएं दीं.
पंडित नेहरू के हाथों प्लांट उद्घाटन के रहे साक्षी
बोकारो थर्मल के ऐतिहासिक पावर प्लांट के उद्घाटन के गौरवपूर्ण अवसर के भी सरदार महेंदर सिंह प्रत्यक्षदर्शी रहे थे. देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जब इस पावर प्लांट का उद्घाटन किया था, उस ऐतिहासिक क्षण को उन्होंने अपनी आंखों से देखा था. 31 मई 1990 को दीर्घकालीन सेवा के बाद वे डीवीसी से सेवानिवृत्त हुए. हालांकि सेवानिवृत्ति के बाद भी उनकी तकनीकी दक्षता और वर्षों का अनुभव डीवीसी के लिए महत्वपूर्ण बना रहा. आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पावर प्लांट में मार्गदर्शन के लिए बुलाया जाता था.
डीवीसी ने भी किया था सम्मानित
सेवानिवृत्ति के बाद करीब 36 वर्षों तक सरदार महेंदर सिंह को डीवीसी से पेंशन मिलती रही. डीवीसी के 75वें स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर तत्कालीन एचओपी ने उन्हें पावर प्लांट में ससम्मान आमंत्रित किया था और उनके योगदान के लिए सम्मानित किया था. सरदार महेंदर सिंह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. उनके पुत्र रविंद्र सिंह भी अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए डीवीसी में कार्यरत रहे. वे वर्ष 2020 में डीवीसी की सेवा से सेवानिवृत्त हुए.
निधन पर शोक, बताया एक युग का अंत
सरदार महेंदर सिंह के निधन पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों, डीवीसी अधिकारियों और विभिन्न यूनियन प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया. लोगों ने कहा कि उनके निधन से बोकारो थर्मल और डीवीसी के इतिहास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया. वे अपने कार्य, अनुभव और ऐतिहासिक योगदान के लिए लंबे समय तक याद किए जाते रहेंगे.
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