Ranchi: राज्य सरकार ने गिरिडीह स्थित राजकीय यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के निर्माणाधीन भवनों के भुगतान में आ रही तकनीकी अड़चनों को दूर कर लिया है. स्वास्थ्य विभाग ने एक शुद्धि पत्र जारी कर पूर्व में घोषित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के पद में संशोधन किया है, ताकि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कर आमजन को समर्पित किया जा सके.
क्या था मामला और कहां थी समस्या
वर्ष 2008 में महाविद्यालय भवन (4.50 करोड़ रु.) और अस्पताल भवन (4.61 करोड़ रु.) के निर्माण हेतु स्वीकृतियां जारी की गई थीं. इन भवनों का निर्माण ‘झारखण्ड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड’ द्वारा किया गया है. अब जब कार्य अंतिम चरण में है और अंतिम बिल का भुगतान किया जाना है, तो विभागीय अवर सचिव और निर्माण निगम के कोषागार अलग-अलग होने के कारण राशि के पुस्तांतरण में तकनीकी कठिनाई आ रही थी.

अब सिविल सर्जन रांची संभालेंगे कमान
इस समस्या के समाधान हेतु स्वास्थ्य विभाग ने विभागीय स्वीकृत्यादेशों में संशोधन करते हुए अब सिविल सर्जन, राँची को निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी घोषित कर दिया है. चूंकि सिविल सर्जन और भवन निर्माण निगम, दोनों का कोषागार रांची ही है, इसलिए अब राशि का पुस्तांतरण निर्बाध रूप से संभव हो सकेगा.
विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि केवल निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के नाम में बदलाव किया गया है, जबकि निर्माण से संबंधित पूर्व के दोनों स्वीकृत्यादेशों की अन्य सभी शर्तें यथावत बनी रहेंगी.


