Chaibasa: जिले के के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के सोनपोखरी गांव में मंगलवार को खेत से बरामद हुए शक्तिशाली बम को शुक्रवार को भारतीय सेना के विशेषज्ञों ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया. भारतीय सेना की 23 इन्फेंट्री डिविजन के कर्नल धर्मेंद्र सिंह की अगुवाई में आए बम निरोधक दस्ते ने बेहद सूझबूझ और पेशेवर अंदाज में इस महाविनाशक विस्फोटक को नष्ट किया. धमाका इतना भीषण था कि पूरा इलाका थर्रा उठा और विस्फोट वाले स्थान पर करीब 5 फीट गहरा गड्ढा बन गया. वहीं, बम के फटने के बाद उसके लोहे और बारूद के अवशेष (स्प्लिंटर्स) करीब 400 मीटर के दायरे में आसमान से बारिश की तरह नीचे गिरे. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के कारण इस बेहद संवेदनशील ऑपरेशन में किसी भी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.
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बिगड़ा मौसम, दो घंटे थमा रहा ऑपरेशन
शुक्रवार को इस बम को नष्ट करने की समय-सीमा तय की गई थी. दोपहर करीब 1:00 बजे सेना, सीआरपीएफ और जिला पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी में ऑपरेशन की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं. बम को एक बड़े तालाब के गड्ढे में सुरक्षित रखकर उसे नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू ही होने वाली थी, कि अचानक आसमान में काले बादल छा गए और मूसलाधार बारिश और भारी वज्रपात होने लगी. सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कर्नल धर्मेंद्र सिंह ने तुरंत ऑपरेशन को रोकने का निर्देश दिया. करीब दो घंटे तक पूरा प्रशासनिक अमला बारिश थमने का इंतजार करता रहा. इसके बाद जब मौसम साफ हुआ, तब जाकर शाम 3:14 बजे बम को ब्लास्ट करने की अंतिम प्रक्रिया की गई.
हाईटेक तकनीक: 150 मीटर दूर से बैटरी के सहारे किया ब्लास्ट
सेना के बम निरोधक दस्ते ने इस खतरनाक बम को नष्ट करने के लिए ‘कंट्रोल्ड ब्लास्ट’ तकनीक का इस्तेमाल किया. विशेषज्ञों ने विस्फोटक सामग्री को मुख्य बम के साथ जोड़ा और वहां से करीब 150 मीटर की दूरी तक एक लंबा तार ले गए. इसके बाद सुरक्षा घेरे के भीतर से बैटरी के सहारे करंट फ्लो कर रिमोटली इस बम को उड़ा दिया गया. जैसे ही बटन दबा, एक गगनभेदी धमाका हुआ, जिससे आसपास की जमीन हिल गई. हवा में धुएं और मिट्टी का एक विशाल गुबार उठा, जो कई 60 मीटर ऊपर तक गया. 300 मीटर दूर रोके गए ग्रामीण और मीडियाकर्मी प्रशासन ने हादसे की आशंका को देखते हुए सुरक्षा का कड़ा चक्र तैयार किया था. ब्लास्टिंग जोन से करीब 300 मीटर की परिधि को पूरी तरह ‘नो-गो जोन’ बना दिया गया था.ग्रामीणों, तमाशबीनों और कवरेज के लिए पहुंचे मीडियाकर्मियों को इस सीमा रेखा से बाहर ही रोक दिया गया था. हालांकि प्रशासनिक अधिकारी भी इस घेरे से बाहर रहे. पुलिस के जवान लगातार लोगों को पीछे रहने की हिदायत दे रहे थे, जो बाद में सही साबित हुई, क्योंकि बम का मलबा 400 मीटर दूर तक जाकर गिरा. हालांकि स्प्लिंटर्स से किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.

सेना, सीआरपीएफ और पुलिस के आला अधिकारी रहे मुस्तैद
इस पूरे ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर सेना के साथ-साथ जिला प्रशासन और अर्धसैनिक बलों के बड़े अधिकारी कैंप कर रहे थे. सेना की तरफ से कर्नल धर्मेंद्र सिंह, रणबीर कुमार, संदीप कुमार चौधरी और आयुष ने कमान संभाल रखी थी. वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से बतौर दंडाधिकारी अंचल अधिकारी प्रदीप कुमार, एएसपी (अभियान) राहुल देव बड़ाईक, मनोहरपुर डीएसपी डेविड ए डोडराय, मनोहरपुर थाना प्रभारी अमिएल एक्का और सीआरपीएफ के शंभू नाथ यादव मौजूद थे. इसके अलावा सेना, सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल के दर्जनों हथियारबंद जवान पूरे इलाके को चारों तरफ से घेरकर सुरक्षा व्यवस्था संभाले हुए थे. बम के पूरी तरह नष्ट होने के बाद ही प्रशासन और सोनपोखरी गांव के लोगों ने राहत की सांस ली.
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सेना का ही था विस्फोटक, खेत में कैसे पंहुचा ये सोचनीय तथ्य
सेना के अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक सेना का और इंडियन मेड है, जंग लगे होने के कारण कब का है, जान पाना कठिन है. परंतु खेत में कैसे पंहुचा और इतने वर्षों में क्यों नहीं मिला ये सोचनीय तथ्य है. बरामद विस्फोटक तोप का है. सेना के अधिकारी विस्फोटक के अवशेष को अपने साथ ले गए, उन्होंने बताया कि लैब में इसकी जांच कराई जाएगी. जिसके बाद इसके बारे में और ज्यादा जानकारी मिल सकेगी.
स्प्लिंटर्स से ग्रामीण के घर का एस्बेटस टूटा
विस्फोट का धमाका इतना जबरदस्त था कि इसके स्प्लिंटर्स 4 सौ मीटर दूर तक उड़े. विस्फोट स्थल से लगभग 3 सौ मीटर दूर अवस्थित बानसिंह हेम्ब्रम के घर में लगा एस्बेस्टस टूट गया. हालांकि मौके पर मौजूद सीओ ने मुआवजा देने की बात कही है.


