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28 से 30 जून तक चलेगा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, रांची में 5.55 लाख बच्चों को मिलेगी दो बूंद जिंदगी की

Ranchi : राजधानी में करीब दो साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत होने...

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान

Ranchi : राजधानी में करीब दो साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत होने जा रही है. 28 जून से 30 जून तक चलने वाले इस विशेष तीन दिवसीय अभियान के तहत जिले के 5 लाख 55 हजार 525 बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है. इस महा अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थय विभाग पूरी तरह मुस्तैद है. रांची सदर अस्पताल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने तैयारियों की जानकारी दी. अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने अस्पताल परिसर से 15 विशेष प्रचार-प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये वाहन जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों और शहरी बस्तियों में जाकर मुनादी व ऑडियो के जरिए अभिभावकों को जागरूक करेंगे.

सुपर संडे को बूथों पर पिलाई जाएगी दवा

अभियान की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि पहले दिन यानी 28 जून (रविवार) को पूरे जिले में बनाए गए पोलियो बूथों पर जन्म से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों को दवा दी जाएगी. डॉ. प्रभात कुमार ने रांची के तमाम अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे रविवार को अपने बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाना न भूलें, क्योंकि पिछले दो वर्षों में कई नए बच्चों का जन्म हुआ है, जिन्हें इस सुरक्षा कवच की सबसे ज्यादा जरूरत है.

छूटे हुए बच्चों के लिए दो दिन का होम-टू-होम प्लान

स्वास्थय विभाग ने पुख्ता इंतजाम किया है कि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से बाहर न छूटे. अगर कोई परिवार रविवार को किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. 29 और 30 जून को आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहिया दीदी, एएनएम और एमपीडब्ल्यू घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक देगी.

अभियान की अवधि 28 जून से 30 जून 2026 तक

पहला दिन (28 जून) सिर्फ निर्धारित पोलियो बूथों पर दवा पिलाई जाएगी.
दूसरा व तीसरा दिन (29-30 जून) स्वास्थयकर्मी घर-घर जाकर छूटे बच्चों को कवर करेंगे.

पोलियो मुक्त भारत के गौरव को बनाए रखने की चुनौती

डॉ. प्रभात कुमार ने याद दिलाया कि भारत ने वर्ष 2011 के बाद से पोलियो का एक भी नया मामला देश में नहीं पाया गया. ऐसे में देश पोलियो मुक्त बनाए रखा है. हालांकि, पड़ोसी देशों में इसके खतरे को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है. उन्होंने इस राष्ट्रीय गौरव और उपलब्धि को बरकरार रखने के लिए आम जनता, स्वयंसेवी संस्थाओं और मीडिया से बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है.

 

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