Hazaribagh: शहर के ऐतिहासिक ओकनी तालाब में बढ़ते प्रदूषण के कारण बड़ी संख्या में मछलियों, कछुओं और अन्य जलीय जीवों की मौत का मामला सामने आया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम की संयुक्त टीम ने तालाब का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों के अनुसार तालाब के आसपास लगातार कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक फेंके जाने से जल प्रदूषण बढ़ गया है. इसके अलावा मवेशियों को तालाब के किनारे बांधने और उन्हें वहीं नहलाने से भी पानी की गुणवत्ता प्रभावित हुई है. दूषित पानी के कारण जलीय जीवों की लगातार मौत हो रही है.
सिंघाड़ा खेती में रसायनों के इस्तेमाल की आशंका
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि तालाब में व्यावसायिक स्तर पर की जा रही सिंघाड़े की खेती के दौरान रासायनिक खाद और कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग किया जा रहा है. आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं रसायनों के कारण पानी प्रदूषित हुआ है और जलीय जीवों की मौत हो रही है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने तालाब के विभिन्न हिस्सों से पानी के नमूने एकत्र किए हैं. अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन और नगर निगम को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

सफाई अभियान और सख्त कार्रवाई की तैयारी
नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त बिपिन कुमार ने कहा कि ओकनी तालाब की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. तालाब में गंदगी फैलाने और जल स्रोत को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि तालाब के आसपास किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जल स्रोतों की स्वच्छता में नागरिकों की भागीदारी जरूरी
मेयर अरविंद कुमार राणा ने कहा कि सार्वजनिक जल स्रोतों को स्वच्छ रखना केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है. उन्होंने लोगों से कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालने और जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने में सहयोग करने की अपील की. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति या पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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