Chatra : जिला के गिद्धौर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां द्वारी बाजारटांड़ स्थित कोयला डंपिंग साइड शनिवार को अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गई. कोयला डंपिंग के वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया. इस हिंसक झड़प में दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और पारंपरिक हथियार चले, जिसमें करीब आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है.
तीखी नोकझोंक के बाद भड़की हिंसा:
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, द्वारी करमा टांड़ स्थित कोयला डंपिंग साइड पर शनिवार को किसी बात को लेकर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए. शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज हुई। लेकिन देखते ही देखते मामला इतना तूल पकड़ गया कि दोनों गुटों के दर्जनों लोग लाठी-डंडों के साथ एक-दूसरे पर टूट पड़े. इस मारपीट में कई लोगों के सिर फट गए और शरीर पर गंभीर चोटें आईं. स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया.

आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग किया जाम, वाहनों की लगी लंबी कतारें:
घटना से आक्रोशित दूसरे पक्ष के सैकड़ों लोगों ने इंसाफ की मांग को लेकर इंदिरा मोड़ के समीप हजारीबाग–चतरा मुख्य मार्ग (कटकमसांडी–गिद्धौर पथ) को पूरी तरह से जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि सरेआम गुंडागर्दी करने वाले आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए. इसके साथ ही उन्होंने संघर्ष के दौरान मुख्य सड़क पर बिखरे कोयले को भी जल्द से जल्द हटाने की मांग की. सड़क जाम होने के कारण चतरा-हजारीबाग मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं. भीषण गर्मी के बीच बस, ट्रक और निजी वाहनों में सवार यात्रियों, महिलाओं और बच्चों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.


