Ranchi: रिम्स में नए निदेशक डॉ. डीके सिन्हा के पदभार संभालते ही कामकाज के तौर-तरीकों में बदलाव की शुरुआत हो गई है. उन्होंने सबसे पहले मीडिया से संवाद बहाल करने का फैसला लिया है. अब रिम्स में हर दिन शाम 5 बजे पत्रकार सीधे निदेशक से मुलाकात कर अस्पताल से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जानकारी और जवाब ले सकेंगे. डॉ. सिन्हा ने कहा कि रिम्स जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उनके अनुसार मीडिया जनता और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए नियमित संवाद से मरीजों की समस्याओं के समाधान में भी तेजी आएगी. यह नई व्यवस्था शुक्रवार शाम से प्रभावी हो जाएगी.
यह भी पढ़ें: मेडॉल-हेल्थ मैप का भुगतान नहीं किया, इसलिए हटाए गए डॉ. राजकुमार : सरयू राय

अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली में बदलाव के संकेत
गौरतलब है कि पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार के कार्यकाल में मीडिया की रिम्स परिसर में आवाजाही और अधिकारियों से सीधे बातचीत पर रोक लगा दी गई थी. उस निर्णय को लेकर लंबे समय तक सवाल उठते रहे. ऐसे में नए निदेशक के फैसले को अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. पदभार संभालने के बाद डॉ. डीके सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता रिम्स की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना, मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के परिणाम जल्द सामने लाना है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि लापरवाही और अनियमितता के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें: 2027 पंचायत चुनाव को पर्व की तरह मनाएं, बूथ से पंचायत तक भाजपा को मजबूत करें : बाबूलाल मरांडी
छात्रा के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए, नामांकन रद्द किया गया
मेडिकल कॉलेज में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर प्रवेश के मामले पर उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की जांच के दौरान एक छात्रा के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं, जिसके बाद उसका नामांकन रद्द कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी. रिम्स में हाल के दिनों में निदेशक के इस्तीफे और प्रशासनिक विवादों के बाद अब नए नेतृत्व के सामने अस्पताल की व्यवस्था पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि घोषित सुधार धरातल पर कितनी तेजी से दिखाई देते हैं.


