Hazaribagh: चौपारण प्रखंड के देबो पंचायत अंतर्गत रेमो करमा गांव से अंधविश्वास का एक मामला सामने आया है. बता दें, सांप के काटने से 13 वर्षीय ऋषि कुमार की मौत हो गई. आरोप है कि बच्चे को समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन और ग्रामीण उसे तंत्र-मंत्र, झाड़-फूंक और जड़ी-बूटी के सहारे बचाने की कोशिश करते रहे. घंटों तक चले इस कथित उपचार के बाद भी बच्चे की जान नहीं बच सकी.
परिजनों के अनुसार, ऋषि रात में अपने पिता अरविंद रविदास और मां के साथ जमीन पर सोया था. देर रात उसने शरीर में किसी जहरीले जीव के काटने की शिकायत की. आशंका जताई गई कि उसे सांप ने काट लिया है. बताया जाता है कि परिजन पहले बच्चे को एक ग्रामीण चिकित्सक के पास ले गए, जहां उसे सामान्य इंजेक्शन देकर घर भेज दिया गया. कुछ देर बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी.

अस्पताल की जगह झाड़-फूंक और जड़ी-बूटी का सहारा
स्थिति गंभीर होने पर भी बच्चे को किसी सरकारी अस्पताल या बड़े चिकित्सा केंद्र नहीं ले जाया गया. ग्रामीणों के अनुसार, गांव के एक व्यक्ति ने जड़ी-बूटी और तंत्र-मंत्र के जरिए बच्चे को ठीक करने तथा जीवित करने का दावा किया. इसके बाद घंटों तक झाड़-फूंक और कथित उपचार चलता रहा, लेकिन बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। आज सुबह उसकी मौत हो गई.
गांव में शोक, अंधविश्वास पर उठे सवाल
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. मासूम की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में वैज्ञानिक उपचार की बजाय अंधविश्वास और झाड़-फूंक पर भरोसा किया जा रहा है, जिससे कई लोगों की जान चली जाती है.
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