Ranchi: 16 साल पुराने यानी वर्ष 2010 के करोड़ों रुपये के अलकतरा घोटाला मामले में सीबीआई (CBI) के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में सोमवार को फैसला होना था, लेकिन एक अधिवक्ता के निधन के कारण कोर्ट में शोकसभा का आयोजन किया गया. इसके चलते सभी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से स्वयं को अलग रखा, जिससे फैसला टल गया. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 30 जून निर्धारित की है.
मामले में सीबीआई (CBI) की ओर से लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल पैरवी कर रही हैं. इस मामले में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. के निदेशक दिलीप कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह, आरसीडी (RCD), जमशेदपुर के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार वर्मा तथा जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा ट्रायल फेस कर रहे थे. सुनवाई के दौरान आरोपी पवन कुमार सिंह और असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार वर्मा का निधन हो चुका है. फिलहाल मामले में दो आरोपी ही ट्रायल फेस कर रहे हैं.

क्या है मामला
यह मामला चक्रधरपुर-खरसावां 1.506 निर्माण कार्य से जुड़े रोड कंस्ट्रक्शन डिवीजन (RCD), जमशेदपुर का है. मामले में 47 फर्जी बिलों के माध्यम से करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी की गई थी.
रोड कंस्ट्रक्शन डिवीजन (RCD), जमशेदपुर के तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विनोद कुमार ने इस गबन का खुलासा किया था और इसकी सूचना सीबीआई (CBI) को दी थी. जांच के दौरान क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. के निदेशक दिलीप कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह, आरसीडी, जमशेदपुर के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार वर्मा तथा जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा की संलिप्तता पाई गई.
इसके बाद सीबीआई (CBI) ने 16 फरवरी 2010 को कांड संख्या RC-3(A)/2010-R के तहत मामला दर्ज किया. इस मामले में 22 अप्रैल 2011 को चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि 5 दिसंबर 2018 को आरोप तय किए गए. इसके बाद लगातार गवाही और सुनवाई चली. सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 29 जून 2026 को फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया.


