Hazaribagh: विष्णुगढ़ प्रखंड के तिलैया मौजा के विस्थापित रैयतों और DVC कोनार डैम परियोजना के अधिकारियों के बीच सोमवार को कोनार सीएसआर कार्यालय में लंबित भूमि एवं मुआवजा संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रशासन, डीवीसी प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में विस्थापित रैयतों की मौजूदगी में विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. कई महत्वपूर्ण निर्णय भी सर्वसम्मति से लिए गए .
ऑनलाइन जमाबंदी की मांग प्रमुख मुद्दा
बैठक में तिलैया मौजा के विस्थापित रैयतों ने बताया कि डीवीसी द्वारा अधिग्रहित भूमि से बाहर उनकी कई जमीनें हैं, जिन पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे हैं. इन भूखंडों की ऑफलाइन लगान रसीद वर्ष 2015-16 तक जारी होती रही, लेकिन अब तक ऑनलाइन जमाबंदी दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें ऑनलाइन लगान रसीद नहीं मिल पा रही है. रैयतों ने ऐसी सभी गैर-अधिग्रहित भूमि की ऑनलाइन जमाबंदी दर्ज कर ऑनलाइन रसीद जारी करने की मांग रखी.

प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया आश्वासन
अंचल अधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित अंचल निरीक्षक राजेश चौधरी और राजस्व उपनिरीक्षक मोहम्मद आरिफ ने कहा कि संबंधित रैयत अपने भूमि संबंधी सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएं. जांच के दौरान यदि संबंधित भूमि डीवीसी के अधिग्रहण क्षेत्र से बाहर पाई जाती है तो नियमानुसार ऑनलाइन जमाबंदी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
मुआवजा नहीं मिलने का उठाया मुद्दा
बैठक में अधिग्रहित भूमि के मुआवजे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. विस्थापित रैयतों ने आरोप लगाया कि उनके पूर्वजों को अधिग्रहित भूमि के बदले न तो उचित मुआवजा मिला और न ही अन्य निर्धारित लाभ. उन्होंने डीवीसी से मुआवजा भुगतान से जुड़े अभिलेख सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके.
4 जुलाई को होगी दस्तावेजों की समीक्षा
बैठक में निर्णय लिया गया कि 4 जुलाई 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे विष्णुगढ़ अंचल कार्यालय में डीवीसी के अधिकारी एवं विस्थापित रैयत सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित रहेंगे. उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की विस्तृत समीक्षा कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
संवाद से समाधान की उम्मीद
बैठक के अंत में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि आपसी संवाद, अभिलेखों के सत्यापन और प्रशासनिक पहल के माध्यम से वर्षों से लंबित भूमि एवं मुआवजा संबंधी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा.
ये रहें उपस्थित
बैठक में अंचल निरीक्षक राजेश चौधरी, राजस्व उपनिरीक्षक मोहम्मद आरिफ, जिला परिषद सदस्य शेख तैयब, पंचायत समिति सदस्य छोटेलाल मुर्मू, कोनार सीएसआर प्रभारी सुनील कुमार, ईश्वर हेंब्रम, साहेबराम हेंब्रम, कुलदीप हेंब्रम, मास्टर सीताराम, मनोज बेसरा, बबलू बेसरा, भैयालाल बेसरा, छोटेलाल हेंब्रम, रणजीत कुमार वर्मा सहित डीवीसी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में विस्थापित रैयत मौजूद रहे.


