Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त रुख अख्तियार कर चुकी है. सोमवार को राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह अचानक रिम्स पहुंचकर औचक निरीक्षण किया. इस औचक निरीक्षण से पूरे रिम्स प्रबंधन में हड़कंप मच गया. लगभग एक घंटे तक चले इस निरीक्षण के दौरान दोनों आलाधिकारियों ने ट्रॉमा बिल्डिंग, सेंट्रल इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर विभाग के आईसीयू का बारीकी से जायजा लिया.
खाली बेड देखकर भड़के मंत्री, निदेशक को लिया आड़े हाथों
निरीक्षण के दौरान जब वित्त मंत्री और स्वास्थ्य सचिव क्रिटिकल केयर विभाग के आईसीयू वार्ड पहुंचे, तो वहां कई जगह खाली स्थान दिखाई दिए, जहां बेड होने चाहिए थे. राज्य के सबसे बड़े अस्पताल के आईसीयू में इस तरह की लापरवाही देखकर दोनों अधिकारी बिफर पड़े और रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा को आड़े हाथों लिया. वित्त मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने निदेशक से बेहद कड़े शब्दों में पूछा, “अस्पताल में मरीजों की इतनी भीड़ है, फिर यहां बेड क्यों नहीं हैं? जगह खाली क्यों छोड़ी गई है?” इस पर रिम्स प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि पुराने बेड पूरी तरह टूट चुके हैं और उन्हें हटा दिया गया है. फिलहाल नए बेड की खरीद की प्रक्रिया चल रही है, जिसके कारण यह खाली जगह दिख रही है.

वेंटिलेटर खरीद में देरी पर स्वास्थ्य सचिव की फटकार
बेड की कमी पर सफाई मिलने के तुरंत बाद स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अस्पताल में जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता को लेकर रिम्स प्रबंधन को घेरा. उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में पूछा कि अति आवश्यक वेंटिलेटरों की खरीदारी में अब तक इतनी देरी क्यों हुई है और मरीजों की जान को जोखिम में क्यों डाला जा रहा है? इस पर रिम्स प्रबंधन ने अपनी दलील देते हुए अधिकारियों को बताया कि,
फिलहाल 13 नए वेंटिलेटरों की खरीद की कागजी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है. इस प्रक्रिया को बहुत जल्द पूरा कर वेंटिलेटर अस्पताल में इंस्टॉल कर दिए जाएंगे.
क्रिटिकल केयर विभाग का होगा विस्तार, BSNL बिल्डिंग टूटेगी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को क्रिटिकल केयर विभाग के विस्तार की आगामी योजनाओं से भी अवगत कराया गया. रिम्स प्रबंधन ने बताया कि परिसर में स्थित भारत संचार निगम लिमिटेड की पुरानी और जर्जर बिल्डिंग को तोड़कर वहां जल्द ही 16 नए बेड स्थापित किए जा रहे हैं, और इस योजना पर काम भी शुरू किया जा चुका है.
गवर्निंग बॉडी की बैठक से पहले सुधारें व्यवस्था, 20 दिनों का अल्टीमेटम
अस्पताल की बदहाली और लचर व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सचिव ने रिम्स प्रशासन को तत्काल सभी अधूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का सख्त निर्देश दिया. उन्होंने दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम देते हुए कहा, अगले 15 से 20 दिनों के भीतर रिम्स गवर्निंग बॉडी की एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक होने वाली है.उस बैठक से पहले अस्पताल की इन सभी बुनियादी कमियों, बेड और उपकरणों की खामियों को हर हाल में दूर कर लिया जाना चाहिए. इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
विभागाध्यक्षों के साथ उच्चस्तरीय बैठक और कड़े निर्देश
- – ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स के सभी विभागाध्यक्षों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. इस बैठक में उन्होंने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए और कहा कि रिम्स परिसर के भीतर जितने भी जर्जर, पुराने और अनुपयोगी भवन हैं, उन्हें अविलंब तोड़ा जाए.
- – उन खाली स्थानों पर बिना देरी किए नए और अत्याधुनिक चिकित्सा भवनों का निर्माण कराया जाए ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
- – उन्होंने याद दिलाया कि ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ के तहत रिम्स को पूरे झारखंड राज्य में अग्रणी (लीडिंग) भूमिका निभानी है. इसलिए अस्पताल की आंतरिक व्यवस्था में आमूल-चूल (बड़ा) सुधार लाना अनिवार्य है.
पलामू के पीड़ित परिवार के 5वें मरीज की मौत
इस निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल में भर्ती एक अत्यंत दुखद मामले का भी संज्ञान लिया. रिम्स के क्रिटिकल आईसीयू वार्ड में भर्ती पलामू के एक ही परिवार के प्रभावित सदस्यों में से सोमवार को पांचवें मरीज ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे अस्पताल परिसर में शोक का माहौल था. इसी परिवार की छठवीं महिला सदस्य की स्थिति भी अभी बेहद गंभीर बनी हुई है. वह वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं हालांकि, डॉक्टरों ने अधिकारियों को बताया कि महिला की तबीयत में पहले की तुलना में आंशिक सुधार देखा गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें अभी आईसीयू में ही गहन निगरानी में रखा गया है.
वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही महिला से मिले मंत्री
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार को व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने दुखी परिवार को सांत्वना दी और ढांढस बंधाया. इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टरों की विशेष टीम को कड़ा निर्देश दिया कि इस महिला की जान बचाने के लिए देश के बेहतरीन से बेहतरीन चिकित्सा प्रोटोकॉल और दवाओं का पालन किया जाए, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
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