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झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू, 82% मतदाताओं की मैपिंग पूरी

Ranchi: झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को तेज कर दिया गया है. मुख्य...

Voter list revision drive begins in Jharkhand, 82% voter mapping completed

Ranchi: झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को तेज कर दिया गया है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि राज्य में अब तक 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 मतदाताओं में से 2 करोड़ 17 लाख 20 हजार 731 (82.08%) मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 47.42 लाख मतदाताओं की मैपिंग अभी बाकी है. 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे. मतदाताओं से अपील की गई है कि फॉर्म मिलते ही उसमें आवश्यक जानकारी भरकर हस्ताक्षर करें और बिना देरी अपने BLO को वापस कर दें. फॉर्म की दो प्रतियां दी जाएंगी, जिसमें एक BLO को जमा करनी होगी और दूसरी पावती के रूप में मतदाता अपने पास रखेंगे.

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लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 91.34 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जो मतदाता निर्धारित समय के भीतर फॉर्म जमा करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन में शामिल किया जाएगा. जिन मतदाताओं की पहले की मतदाता सूची से मैपिंग हो चुकी है, उन्हें सामान्यतः कोई अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी. राज्य के आंकड़ों के अनुसार लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 91.34 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हुई है. वहीं बहरागोड़ा (94.41%), मधुपुर (93.31%), सारठ (93.46%) और पाकुड़ (92.58%) जैसे विधानसभा क्षेत्रों में भी मैपिंग का प्रतिशत काफी बेहतर रहा है. दूसरी ओर, जमशेदपुर पूर्व (49.48%), हाटिया (55.44%), रांची (55.57%), धनबाद (57.13%) और बोकारो (58.50%) जैसे शहरी क्षेत्रों में मैपिंग का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम है. निर्वाचन विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर शेष मतदाताओं की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है.

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गलत जानकारी देकर फॉर्म जमा करना कानूनन अपराध

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट तथा गैर-भारतीय नागरिकों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे. यदि किसी गैर-भारतीय व्यक्ति को फॉर्म मिलता है तो वह बिना हस्ताक्षर किए उसे BLO को वापस कर दे. गलत जानकारी देकर फॉर्म जमा करना कानूनन अपराध है. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-326 के अनुसार एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटेगा और एक भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल नहीं होगा. इसी उद्देश्य से यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. राज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 74,320 बीएलए-2 (Booth Level Agent-2) नियुक्त किए गए हैं, जो BLO के साथ मिलकर मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करेंगे. निर्वाचन विभाग ने इसे पूरी तरह पारदर्शी और सहभागी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि अभियान की हर जानकारी राजनीतिक दलों और आम जनता के लिए उपलब्ध कराई जा रही है.

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