Hazaribagh: जिले में भूमि संबंधी फर्जीवाड़े और अवैध रजिस्ट्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में जिले के नोटरी पब्लिक सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई. बैठक में भूमि मामलों में नोटरी की भूमिका, पारदर्शिता और सतर्कता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. उपायुक्त ने कहा कि हाल के दिनों में गलत एवं भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर नोटरी कराकर भूमि की रजिस्ट्री कराने के मामले सामने आए हैं, जो बेहद गंभीर हैं. उन्होंने सभी नोटरी पब्लिक को निर्देश दिया, कि किसी भी दस्तावेज का नोटरीकरण करने से पहले उसकी विधिवत जांच-पड़ताल करें और सभी तथ्यों से पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही नोटरी की प्रक्रिया पूरी करें.
भूमि पर अवैध कब्जे पर रोक लगाने के लिए नोटरी पब्लिक की भूमिका अहम
उन्होंने कहा कि नोटरी पब्लिक की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है. किसी भी प्रकार की लापरवाही से भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हस्तांतरण का अवसर मिल सकता है, जिससे वास्तविक भू-स्वामियों के अधिकार प्रभावित होते हैं.
उपायुक्त ने कहा कि भू-माफियाओं द्वारा फर्जी अथवा भ्रामक दस्तावेजों के माध्यम से भूमि पर अवैध कब्जा करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने में नोटरी पब्लिक की भूमिका अहम है. उनकी सतर्कता, निष्पक्षता और गहन जांच ही इस तरह की अनियमितताओं को रोकने में कारगर साबित होगी.

सभी नोटरी पब्लिक से अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील
बैठक में उपायुक्त ने सभी नोटरी पब्लिक से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और विधि-सम्मत तरीके से करने की अपील की. साथ ही निर्देश दिया कि किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं. उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि संबंधी फर्जीवाड़े एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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