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क्या आप भी चाहते है दार्जिलिंग घूमना और सोच रहे है कैसे घूमे तो जानिऐ खबर के जरिया

News Wave Desk : दार्जिलिंग हिमालय की गोद में बसा अपनी प्राकृतिक सुंदरता, विश्व प्रसिद्ध चाय बागानों, टॉय ट्रेन और कंचनजंघा की...

News Wave Desk : दार्जिलिंग हिमालय की गोद में बसा अपनी प्राकृतिक सुंदरता, विश्व प्रसिद्ध चाय बागानों, टॉय ट्रेन और कंचनजंघा की मनमोहक वादियों के लिए देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है. भारत के पश्चिम बंगाल राज्य का एक विश्वप्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल (हिल स्टेशन) है. इसे पहाड़ों की रानी भी कहा जाता है. यह समुद्र तल से लगभग 2,042 मीटर (6,700 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, चाय के बागानों, ठंडी जलवायु तथा हिमालय के मनमोहक दृश्यों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. ब्रिटिश शासन से पहले यह क्षेत्र Sikkim के अधीन था. वर्ष 1835 में सिक्किम के राजा ने यह क्षेत्र अंग्रेजों को सौंप दिया. इसके बाद अंग्रेजों ने इसे हिल स्टेशन और चाय उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाया. आज दार्जिलिंग की चाय दुनिया की सबसे महंगी और प्रसिद्ध चायों में गिनी जाती है.

कब जाएं दार्जिलिंग घूमने

पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार मार्च से मई तक का समय दार्जिलिंग घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और तापमान लगभग 10 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. पहाड़ों पर हरियाली, खिले हुए फूल और साफ आसमान के बीच कंचनजंघा का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को रोमांचित कर देता है. यही कारण है कि इस मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक दार्जिलिंग पहुंचते हैं. वहीं, अक्टूबर से दिसंबर का समय भी यात्रा के लिए बेहद खास माना जाता है. मानसून समाप्त होने के बाद वातावरण पूरी तरह साफ हो जाता है, जिससे टाइगर हिल से सूर्योदय और बर्फ से ढकी कंचनजंघा की चोटियों का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. इस मौसम में ठंड बढ़ने लगती है, लेकिन प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है. हालांकि जून से सितंबर के बीच दार्जिलिंग में भारी बारिश होती है. लगातार वर्षा के कारण कई बार भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं. ऐसे में इस अवधि में यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी होता है. जनवरी और फरवरी में दार्जिलिंग में कड़ाके की ठंड पड़ती है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कभी-कभी हल्की बर्फबारी भी देखने को मिल जाती है. इस दौरान पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है, इसलिए जो लोग शांत वातावरण और ठंड का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए यह समय भी अच्छा विकल्प हो सकता है. यदि आप पहली बार दार्जिलिंग घूमने जा रहे हैं, तो मार्च से मई या अक्टूबर से नवंबर के बीच यात्रा की योजना बनाना सबसे बेहतर रहेगा. इन महीनों में मौसम अनुकूल रहता है, पर्यटन स्थल पूरी तरह खुले रहते हैं और दार्जिलिंग की प्राकृतिक खूबसूरती अपने सबसे आकर्षक रूप में दिखाई देती है.

Darjeeling

दार्जिलिंग में कहां-कहां घूमें

यात्रा की शुरुआत सुबह-सुबह टाइगर हिल से करें. यह दार्जिलिंग का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां से सूर्योदय के समय कंचनजंघा की बर्फ से ढकी चोटियों पर पड़ती पहली सुनहरी किरणें अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती हैं. इसके बाद बतासिया लूप जाएं. यह गोलाकार रेलवे ट्रैक अपनी खूबसूरत बनावट, रंग-बिरंगे फूलों और आसपास के पहाड़ी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है. यहां स्थित युद्ध स्मारक भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है. टाइगर हिल से लौटते समय घूम मठ (घूम मॉनेस्ट्री) अवश्य देखें. यह दार्जिलिंग के सबसे पुराने और प्रसिद्ध बौद्ध मठों में से एक है, जहां विशाल बुद्ध प्रतिमा और शांत वातावरण पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव कराता है. यदि आप वन्यजीवों में रुचि रखते हैं, तो पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क जरूर जाएं. यहां रेड पांडा, हिम तेंदुआ और हिमालयी भालू जैसे दुर्लभ जीव देखने को मिलते हैं. इसके पास स्थित हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट में पर्वतारोहण से जुड़ी रोचक जानकारी और ऐतिहासिक सामग्री प्रदर्शित की गई है. दार्जिलिंग की यात्रा हैप्पी वैली टी एस्टेट देखे बिना अधूरी मानी जाती है. यहां पर्यटक चाय की खेती और प्रसंस्करण की पूरी प्रक्रिया देख सकते हैं तथा विश्व प्रसिद्ध दार्जिलिंग चाय का स्वाद भी ले सकते हैं. शाम के समय चौरस्ता मॉल रोड सबसे अधिक रौनक वाला स्थान होता है. यहां स्थानीय बाजार, कैफे, रेस्तरां और हस्तशिल्प की दुकानें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं. वहीं जापानी पीस पगोडा अपनी शांति, सफेद वास्तुकला और प्राकृतिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है. दार्जिलिंग आने वाले पर्यटक दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (टॉय ट्रेन) की सवारी करना नहीं भूलते. यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त यह रेल यात्रा पहाड़ों के बीच एक अनोखा अनुभव प्रदान करती है. इन सभी स्थलों के अलावा रॉक गार्डन, नाइटिंगेल पार्क, ऑब्जर्वेटरी हिल, भूटिया बस्ती मठ, लेबोंग रेसकोर्स और टेनजिंग रॉक भी घूमने के लिए बेहतरीन स्थान हैं. यदि आपके पास 2–3 दिन का समय है, तो इन सभी जगहों का आराम से आनंद लिया जा सकता है.

Darjeeling

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