Click Here
Click Here
Click Here

सरायकेला: हूल दिवस पर DDC रीना हांसदा ने सिद्धो-कान्हू और बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

Saraikela: दिवस के पावन अवसर पर मंगलवार को उप विकास आयुक्त रीना हांसदा (Reena Hansda) ने सरायकेला में अमर वीर शहीद सिद्धो-कान्हू...

सरायकेला: हूल दिवस पर DDC रीना हांसदा ने सिद्धो कान्हू पार्क और बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि
सरायकेला: हूल दिवस पर DDC रीना हांसदा ने सिद्धो कान्हू पार्क और बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

Saraikela: दिवस के पावन अवसर पर मंगलवार को उप विकास आयुक्त रीना हांसदा (Reena Hansda) ने सरायकेला में अमर वीर शहीद सिद्धो-कान्हू और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

DDC रीना हांसदा ने सबसे पहले सिद्धो-कान्हू पार्क स्थित अमर वीर शहीद सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए. इसके बाद समाहरणालय परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया.

अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा

उन्होंने कहा कि आज हम सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और भगवान बिरसा मुंडा सहित झारखंड के सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन करते हैं. हूल के अमर वीरों का संघर्ष हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और समाज-राष्ट्र की सेवा की प्रेरणा देता है. उनके आदर्शों पर चलकर सामाजिक न्याय, समानता, समरसता और जनकल्याण के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.

Also Read: RIMS लैंड स्कैम- लवली की अग्रिम बेल पर कोर्ट ने फिर मांगी ACB से डायरी

हूल क्रांति का गौरवशाली इतिहास

उन्होंने कहा कि 30 जून 1855 को भोगनाडीह से सिद्धो-कान्हू के नेतृत्व में अंग्रेजी हुकूमत और जमींदारों के शोषण के खिलाफ हूल क्रांति का बिगुल फूंका गया था. इस क्रांति में हजारों आदिवासियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी. हूल दिवस झारखंड के गौरवशाली इतिहास और आदिवासी अस्मिता का प्रतीक है. डीडीसी (DDC) ने सभी से वीर शहीदों के बताए रास्ते पर चलने और उनके सपनों का झारखंड बनाने का आह्वान किया.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *