रांची विश्वविद्यालय में हूल दिवस पर वीर सिदो-कान्हो समेत सभी शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

Ranchi: हूल दिवस के अवसर पर आज रांची विश्वविद्यालय मुख्यालय में वीर सिदो, कान्हो, चांद, भैरव, फूलो और झानो को श्रद्धांजलि दी...

Ranchi: हूल दिवस के अवसर पर आज रांची विश्वविद्यालय मुख्यालय में वीर सिदो, कान्हो, चांद, भैरव, फूलो और झानो को श्रद्धांजलि दी गई. कुलपति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में हूल क्रांति के अमर शहीदों को याद करते हुए उनके चित्रों पर माल्यार्पण किया गया.

कुलपति सभागार में माल्यार्पण कर अमर शहीदों को किया गया नमन 

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 1855 में सिदो-कान्हो और उनके साथियों ने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों, जमींदारी व्यवस्था और अन्यायपूर्ण लगान के खिलाफ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ऐतिहासिक विद्रोह किया था, जिसे संथाल हूल या संथाल विद्रोह के नाम से जाना जाता है. रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि झारखंड के इन वीर नायकों का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य को शिक्षा, विकास और सामाजिक प्रगति के क्षेत्र में आगे बढ़ाना ही इन शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

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हूल क्रांति के इतिहास को किया गया याद 

कुलसचिव डॉ. राजकुमार शर्मा ने कहा कि झारखंड वीर क्रांतिकारियों की धरती है. सिदो, कान्हो, चांद और भैरव ने अंग्रेजी शासन और जमींदारी प्रथा के खिलाफ संघर्ष कर लोगों में आजादी की अलख जगाई. उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. इस दौरान विश्वविद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को हूल क्रांति के इतिहास और वीर शहीदों के संघर्ष से अवगत कराना हम सभी की जिम्मेदारी है.

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