Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) को बोकारो स्टील प्लांट के एक दिवंगत कर्मचारी के बेटे को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का निर्देश दिया है. अदालत ने अपने फैसले में माना कि कंपनी ने कर्मचारी के गंभीर हृदय रोग से पीड़ित होने के बावजूद उनके परिवार को इस लाभ से गलत तरीके से वंचित रखा. यह आदेश झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एम.एस. सोनाक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मोहम्मद सुल्तान अहमद की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है.
पुराने आदेश को कोर्ट ने किया खारिज
कोर्ट ने सिंगल बेंच के पुराने आदेश को खारिज कर दिया और बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन को छह सप्ताह के भीतर अपीलकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्देश दिया. इसके साथ ही अदालत ने अपीलकर्ता को 14 साल से अधिक समय तक कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर करने पर SAIL पर 50,000 रुपए का का जुर्माना भी लगाया है.

कंपनी के बोर्ड ने उन्हें चिकित्सीय रूप से अक्षम नहीं घोषित किया
अपीलकर्ता सुल्तान अहमद के पिता बोकारो स्टील प्लांट में कार्यरत थे. उन्होंने वर्ष 2011 में इस्केमिक हार्ट डिजीज (दिल की गंभीर बीमारी) सहित कई अन्य बीमारियों के कारण चिकित्सीय रूप से अक्षम होने के आधार पर सेवानिवृत्ति की मांग की थी. मेडिकल बोर्ड द्वारा उनकी जांच किए जाने के ठीक दो दिन बाद ही उनका निधन हो गया. इसके बावजूद बोर्ड ने उन्हें चिकित्सीय रूप से अक्षम नहीं घोषित कर दिया, जिसके आधार पर सेल प्रबंधन ने परिवार के अनुकंपा नियुक्ति के दावे को खारिज कर दिया था. हाई कोर्ट ने इस रवैये पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि मेडिकल बोर्ड को मृत्यु प्रमाणपत्र में दर्ज मौत के तत्कालीन कारण पर निर्भर रहने के बजाय जांच के समय कर्मचारी की वास्तविक चिकित्सीय स्थिति पर विचार करना चाहिए था. अदालत ने SAIL पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि कंपनी ने पूर्व के समान मामलों में आए फैसलों के बावजूद अपीलकर्ता को राहत देने से रोकने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाए. अदालत ने प्रबंधन के इस आचरण को सरासर मनमाना और दुर्भावनापूर्ण करार दिया.
Also Read: रांची में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार


