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रिकॉर्ड आय: 2026-27 की पहली तिमाही में दक्षिण पूर्व रेलवे ने कबाड़ निस्तारण से कमाया मुनाफा, ₹148.54 करोड़ की रिकॉर्ड आय अर्जित

Bokaro/Seraikela: दक्षिण पूर्व रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कबाड़ (स्क्रैप) निस्तारण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए...

Record Income: South Eastern Railway earns profit from scrap disposal in the first quarter of the financial year 2026-27, earning a record income of ₹148.54 crore

Bokaro/Seraikela: दक्षिण पूर्व रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कबाड़ (स्क्रैप) निस्तारण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ₹148.54 करोड़ की रिकॉर्ड आय अर्जित की है. यह किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा प्राप्त अब तक की सर्वाधिक स्क्रैप बिक्री है. यह उपलब्धि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 21.24% अधिक तथा चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के आनुपातिक लक्ष्य से 65.04% अधिक है. रेलवे के लिए उल्लेखनीय राजस्व अर्जित करने के साथ-साथ स्क्रैप निस्तारण, रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाए रखने और मूल्यवान परिसंपत्तियों के सर्वोत्तम उपयोग को सुनिश्चित करते हुए भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है. यह उल्लेखनीय उपलब्धि महाप्रबंधक ए. के. जैन के नेतृत्व में संभव हुई है. उन्होंने दक्षिण पूर्व रेलवे में अक्टूबर 2026 तक “जीरो स्क्रैप मिशन” के लक्ष्य पर लगातार विशेष बल दिया है. उनके मार्गदर्शन और निरंतर निगरानी से सभी विभागों को अनुपयोगी एवं अप्रचलित सामग्रियों की पहचान, सूचीबद्ध करने तथा उनके शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाने की प्रेरणा मिली.

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“जीरो स्क्रैप मिशन” के लक्ष्य पर दिया गया जोर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले तीन महीनों के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे ने 22,398 मीट्रिक टन लौह स्क्रैप, 440 मीट्रिक टन अलौह स्क्रैप, 42 कोच, 306 वैगन तथा 2,963 मीट्रिक टन अन्य विविध निष्प्रयुक्त सामग्री का निस्तारण किया. इस उपलब्धि के साथ दक्षिण पूर्व रेलवे वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्क्रैप निस्तारण के क्षेत्र में देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले रेलवे जोनों में शामिल हो गया है तथा स्क्रैप बिक्री से प्राप्त राजस्व के आधार पर 18 रेलवे जोनों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. “जीरो स्क्रैप मिशन” के लक्ष्य को साकार करने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे के भंडार (स्टोर्स) विभाग ने विभिन्न विभागों के समन्वय से पूरे जोन में व्यापक सर्वेक्षण एवं विशेष अभियान चलाया है. इसके अंतर्गत रेलखंडों, डिपो, कार्यशालाओं, शेडों तथा अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों में वर्षों से संचित स्क्रैप की पहचान कर उसके शीघ्र निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है. दक्षिण पूर्व रेलवे का स्टोर्स विभाग इस गति को बनाए रखने तथा स्क्रैप निस्तारण में और अधिक सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है. इससे रेलवे परिसर अधिक स्वच्छ होंगे, परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी, अवरुद्ध पूंजी का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा रणनीतिक स्क्रैप निस्तारण के माध्यम से भारतीय रेल के राजस्व में प्रत्यक्ष वृद्धि होगी.

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