Ranchi: राजधानी रांची, जमशेदपुर और बोकारो में पिछले तीन दिनों से जारी ऐप आधारित कैब चालकों की हड़ताल समाप्त हो गई. झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया. हड़ताल खत्म होने के साथ ही उबर (Uber) और रैपिडो (Rapido) की कैब सेवाएं फिर से सामान्य हो गई हैं, जबकि ओला (OLA) के खिलाफ यूनियन का विरोध फिलहाल जारी रहेगा. दरअसल, 28 जून से करीब चार हजार कैब चालक किराया बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर थे. चालकों का कहना था कि पेट्रोल, डीजल और CNG की लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद कंपनियों ने किराए में कोई संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं की, जिससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है.
हड़ताल के कारण तीनों शहरों में यात्रियों को हुई काफी परेशानी
हड़ताल के कारण तीनों शहरों में यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर लोगों को कैब नहीं मिलने से दिक्कत हुई. कई जगह ऑटो चालकों ने भी स्थिति का फायदा उठाते हुए सामान्य किराए से कई गुना अधिक वसूली की. यूनियन अध्यक्ष अमित ओझा ने बताया, कि बातचीत के दौरान उबर (Uber) ने मिनी, सेडान और 7-सीटर कैब के बेस किराए को क्रमशः 80 रुपये, 100 रुपये और 120 रुपये करने पर सहमति जताई है. वहीं रैपिडो ने भी जल्द किराया बढ़ाने का भरोसा दिया है.

दूसरी ओर, ओला ने 10 से 25 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने की मौखिक सहमति तो दी, लेकिन अब तक कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया है. इसी वजह से यूनियन ने ओला का बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही सभी ड्राइवरों से उबर और रैपिडो प्लेटफॉर्म से जुड़ने की अपील की गई है.
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