-
सड़क हादसे में पैर टूटा, अब जिंदगी की जंग लड़ रहा राजू
Ranchi: सड़क हादसे में घायल हुए लातेहार निवासी राजू की हालत अब गंभीर बनी हुई है. बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर परिवार करीब 40 दिन पहले उसे रांची के राज अस्पताल लेकर पहुंचा था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि लंबे इलाज के बावजूद मरीज की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अब वह वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. परिजनों का कहना है कि सड़क दुर्घटना में राजू का पैर टूट गया था. अस्पताल में भर्ती कराने के बाद लगातार इलाज चलता रहा, लेकिन करीब 40 दिन बाद अस्पताल प्रबंधन ने इलाज से पल्ला झाड़ लिया. इस दौरान अस्पताल की ओर से लगभग 16 लाख रुपये का बिल भी थमा दिया गया, जिससे परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है.
यह भी पढ़ें: रांची RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: अब NIA करेगी जांच, चार राज्यों और विदेशी कनेक्शन खंगालने में जुटी एजेंसियां

प्रशासन से अस्पताल पर कार्रवाई की मांग
मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर सही उपचार किया जाता तो राजू की हालत इतनी गंभीर नहीं होती. उनका आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण अब मरीज वेंटिलेटर पर पहुंच गया है. घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. सूचना मिलने पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. फिलहाल राजू की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है. इस पूरे मामले ने निजी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था, पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
यह भी पढ़ें: रांची में पानी चोरी पर नगर निगम का सख्त एक्शन, अवैध कनेक्शन काटा, कानूनी कार्रवाई शुरू


