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रांची RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: अब NIA करेगी जांच, चार राज्यों और विदेशी कनेक्शन खंगालने में जुटी एजेंसियां

Ranchi: जिले के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय श्री निकेतन पर बीते 16 जून...

NIA
NIA की फाइल फोटो

Ranchi: जिले के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय श्री निकेतन पर बीते 16 जून की रात हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के आलोक में NIA ने इस मामले को पूरी तरह अपने हाथ में ले लिया है. गृह मंत्रालय के अवर सचिव विमल कुमार शुक्ला की शिकायत पर NIA के रांची थाने में केस संख्या आरसी-01/2026/एनआईए/आरएनसी के तहत मामला री-रजिस्टर्ड किया गया है. साल 2026 में NIA रांची की यह पहली प्राथमिकी है. इसमें देश की सुरक्षा और संप्रभुता से खिलवाड़ करने जैसी गंभीर धाराओं (विस्फोटक अधिनियम और UAPA) को शामिल किया गया है. अब एजेंसी इस हमले के पीछे छिपी किसी भी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संलिप्तता और बड़े मंसूबों का पर्दाफाश करेगी.

चार राज्यों और विदेशों तक फैले हैं आरोपियों के तार

इस सनसनीखेज मामले की शुरुआती जांच रांची पुलिस और झारखंड ATS ने की थी. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नेटवर्क देश के चार प्रमुख राज्यों झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मुंबई तक फैला हुआ है. यही नहीं, जांच एजेंसियों को आरोपियों के विदेशों में आने-जाने, संदिग्धों से मुलाकात करने और देश के अलग-अलग राज्यों में मौजूद सहयोगियों से संपर्क के पुख्ता इनपुट मिले हैं. फिलहाल इन सभी संदिग्धों की ट्रेवेल हिस्ट्री और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला जा रहा है, ताकि इस बड़ी साजिश के हर किरदार को बेनकाब किया जा सके.

RSS कार्यालय को उड़ाने की थी बड़ी साजिश

चुटिया थाने में RSS के प्रांत कार्यालय प्रमुख नरसिंह कुमार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, 16 जून की रात करीब 12:36 बजे दो चेहरे ढके अज्ञात अपराधियों ने कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया था. उस वक्त परिसर के अंदर करीब 20 लोग मौजूद थे. प्राथमिकी में कहा गया है कि अपराधियों का मकसद पूरे संघ कार्यालय को उड़ाने और वहां मौजूद लोगों की जान लेने की थी.

झारखंड एटीएस ने जुटाए थे शुरुआती साक्ष्य

NIA से पहले झारखंड पुलिस की आतंकवाद निरोधक दस्ता इस मामले की बारीकी से जांच कर रही थी. एटीएस की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया था, आसपास के लोगों से पूछताछ की थी और अपराधियों के आने-जाने वाले रास्तों को ट्रैक किया था. कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज और पेट्रोल बम से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्यों को एटीएस ने ही संकलित किया था, जिन्हें अब एनआईए को सौंप दिया गया है.

लोहरदगा के रहने वाले हैं तीनों गिरफ्तार आरोपी, एक के साथ हुई थी मुठभेड़

इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो मूल रूप से लोहरदगा जिले के रहने वाले हैं. रांची पुलिस ने सबसे पहले कोडरमा के गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से सैफ अंसारी और अमन अंसारी को दबोचा था. इनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपी सायम सुजान को रांची से गिरफ्तार किया गया.

मामले में नया मोड़ तब आया जब मुख्य आरोपी सैफ अंसारी 18 जून को कोतवाली थाना परिसर से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की, तो चान्हो थाना क्षेत्र में सैफ के साथ पुलिस की सीधी मुठभेड़ हो गई. सैफ ने पुलिस का हथियार छीनने और भागने की कोशिश की, लेकिन पैर में गोली लगने के बाद उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया. इस दुस्साहस के लिए सैफ के खिलाफ कोतवाली और चान्हो थाने में दो अलग-अलग नई प्राथमिकियां भी दर्ज हैं. अब एनआईए इन तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ करेगी, ताकि इस पेट्रोल बम हमले के पीछे के अंतरराष्ट्रीय हैंडलर्स और मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके.

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