Ranchi: पिछले 10 वर्षों में राज्य में ध्वस्त हुए पुल पुलिया को लेकर दायर पंकज कुमार यादव की जनहित याचिका पर राज्य सरकार ने हलफनामा दायर किया है. जानकारी के अनुसार पंकज यादव की जनहित याचिका पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है. जहां लगभग 20 अभियंताओं पर आरोप गठित किया गया. वहीं एक संवेदक डिंबार घोषित किया गया है.
डिंबार घोषित
मिली जानकारी के अनुसार तत्कालीन कार्यपालक अभियंता भोला राम, तत्कालीन सहायक अभियंता निर्मल कुमार दत्ता, तत्कालीन सहायक अभियंता दूधनाथ सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता अनिल कुमार सिंह, तत्कालीन कनीय अभियंता सुदामा प्रसाद सिंह, तत्कालीन कनीय अभियंता सुशील कुमार जैन समेत 20 अभियंताओं पर आरोप गठित किया गया है. वही संवेदक मेसर्स गणेश राम डोनकिया को डिंबार घोषित कर दिया गया है.

संवेदक की सूची अदालत को सौंपी है
यह जानकारी राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार ने अदालत को दी है. उन्होंने आरोप गठित किए गए अभियंता एवं संवेदक की सूची अदालत को सौंपी है. इसके साथ ही अदालत को यह जानकारी दी गई की ग्रामीण विकास विभाग के सचिव के द्वारा जवाब नहीं दाखिल किए जाने मामले में ₹10000 जुर्माने की राशि भी याचिकाकर्ता को सौंपा गया है. यह जुर्माना सचिव के बदले मुख्य अभियंता के द्वारा जवाब दाखिल किए जाने मामले में अदालत के निर्देश पर दिया गया है.
जनहित याचिका दाखिल कर गुणवत्ताहीन पुलों को लेकर आवाज उठाई
आपको बताते चले की पंकज कुमार यादव ने झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर गुणवत्ताहीन पुलों को लेकर आवाज उठाई है. इसे पूर्व मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड में हड़ुप्पा और धानामुंजी के बीच तजना नदी पर बने क्षतिग्रस्त पुल मामले में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, रांची के मुख्य अभियंता ने 24 जून 2026 को तीन महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए थे. पहले आदेश में पुल क्षतिग्रस्त होने के लिए जिम्मेदार अभियंताओं की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हेतु आरोप पत्र ‘क’ तैयार करने का निर्देश दिया गया था.

लंबित डब्ल्यूपी (पीआईएल) संख्या 809/2022 से पंकज कुमार यादव से संबंधित
अभी दूसरे आदेश में जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संवेदक को अपने खर्च पर पुल का पुनर्निर्माण कराने, अभियंताओं की निगरानी में कार्य पूरा कराने और शपथ पत्र देने को कहा गया था. वहीं तीसरे आदेश में संवेदक को कारण बताओ नोटिस जारी कर अभियंता प्रमुख के निर्देशानुसार निर्धारित बिंदुओं पर जवाब लेने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. तीनों आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यह मामला झारखंड हाईकोर्ट में लंबित डब्ल्यूपी (पीआईएल) संख्या 809/2022 से पंकज कुमार यादव से संबंधित है.
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