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हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में नए दाखिलों का रास्ता साफ, NMC ने 100 सीटों को दी मंजूरी, 150 सीटों की तैयारी तेज

Hazaribagh: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है. हजारीबाग स्थित...

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज को 100 MBBS सीटों की मंजूरी
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज को 100 MBBS सीटों की मंजूरी

Hazaribagh: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है. हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन से एमबीबीएस की 100 सीटों पर दाखिले की मंजूरी मिल गई है. आधिकारिक हरी झंडी मिलने की पुष्टि करते हुए संस्थान के प्रबंधन ने बताया कि कमीशन का आधिकारिक पत्र हाल ही में उन्हें प्राप्त हो चुका है. इस फैसले के बाद न केवल कॉलेज कैंपस में उत्साह का माहौल है, बल्कि क्षेत्र के उन सैकड़ों युवाओं का सपना भी जिंदा हो गया है जो स्थानीय स्तर पर डॉक्टर बनने की राह देख रहे थे.

सीटों की संख्या 150 करने की तैयारी; जून में हुआ था एनएमसी का कड़ा इम्तिहान

संस्थान की कोशिशें सिर्फ 100 सीटों तक ही सीमित नहीं हैं. कॉलेज प्रशासन इस सत्र से कुल क्षमता को बढ़ाकर 150 करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. सीटों में इस बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है. इसी सिलसिले में बीते 24 जून को एनएमसी के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम ने पूरे कॉलेज और अस्पताल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया था. इस जमीनी सर्वे के बाद कॉलेज अथॉरिटी काफी सकारात्मक और आशान्वित नजर आ रही है. उन्हें पूरा भरोसा है कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही 50 अतिरिक्त सीटों के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का और बड़ा मंच मिलेगा.

उतार-चढ़ाव भरा रहा है सफर, बुनियादी ढांचे को मजबूत कर हासिल की खोई साख

इस मुकाम तक पहुंचने के लिए संस्थान को कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा है. गौर करने वाली बात है कि इस मेडिकल कॉलेज की नींव साल 2019 में 100 सीटों की क्षमता के साथ रखी गई थी. शुरुआती सफलता के ठीक बाद, साल 2020 में नेशनल मेडिकल कमीशन ने बुनियादी कमियों और कड़े मानकों को पूरा न कर पाने की वजह से नए दाखिलों पर पूरी तरह रोक लगा दी थी. उस झटके के बाद राज्य सरकार और कॉलेज प्रबंधन ने मिलकर एक बड़ी योजना पर काम किया. फैकल्टी की नई नियुक्तियां की गईं, अस्पताल की आधुनिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हर अभाव को दूर किया गया. इन चौतरफा सुधारों का ही नतीजा था कि साल 2021 से लेकर अब तक लगातार हर साल कॉलेज अपनी 100 सीटों पर दाखिले की अनुमति सुरक्षित रखने में कामयाब हो रहा है.

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पहले बैच ने स्थापित किए सफलता के नए कीर्तिमान, पीजी कोर्सेज में लहराया परचम

संस्थान के शैक्षणिक स्तर की गवाही यहाँ के छात्रों की सफलता खुद दे रही है. कॉलेज प्रबंधन के लगातार किए गए प्रयासों की बदौलत अगस्त 2025 में यहाँ के सबसे पहले एमबीबीएस बैच के विद्यार्थियों ने अपनी डिग्री सफलतापूर्वक पूरी की और डॉक्टर बनकर बाहर निकले. खास बात यह है कि इस पास-आउट बैच के कई होनहार डॉक्टरों ने देश के सबसे प्रतिष्ठित और नामचीन चिकित्सा संस्थानों के पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल कर इस कॉलेज के नाम का लोहा मनवाया है. एनएमसी के इस नए फैसले के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि आने वाले समय में हजारीबाग चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के एक बड़े हब के रूप में मजबूती से उभरेगा.

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