Ranchi: झारखंड में सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक नया अध्याय लिखा गया है. राज्य की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती संस्था, झारखंड लोक सेवा आयोग (जोपीएससी) ने सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए ई-अधियाचन प्रबंधन ऐप को लॉन्च किया है. यह पहल न केवल भर्ती की सुस्त चाल को गति देने वाली है, बल्कि यह पारदर्शिता और जवाबदेही के नए मानक भी स्थापित करेगी. अब सरकारी नौकरियों की अधियाचना फाइलों के सुस्त चाल का दौर खत्म हो गया है. अब विभागों को लॉग-इन आईडी और पासवर्ड के जरिए अपना पूरा डेटा ऑनलाइन भरना होगा। यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में त्रुटि की संभावनाओं को लगभग शून्य कर देगी.
फाइलों की दौड़ का अंत
सरकारी भर्तियों में अब तक सबसे बड़ी बाधा कागजी फाइलें होती थीं. किसी विभाग से पद खाली होने की सूचना जेपीएससी तक पहुंचने में महीनों लग जाते थे, और इस दौरान प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण भर्तियां लटकी रहती थीं. लेकिन अब, इस नई डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से, यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन’ हो गई है. जेपीएससी ने अपने डिजिटल बदलाव अभियान के तहत अब सभी विभागों को के जरिए अपना डेटा ऑनलाइन दर्ज करने का निर्देश दिया है.

क्या है ई-अधियाचन पोर्टल और यह कैसे काम करेगा
- यह पोर्टल सरकारी विभागों और जेपीएससी के बीच एक सीधा और सुरक्षित सेतु बनकर उभरा है। इस पोर्टल पर चार प्रमुख श्रेणियों में भर्तियां मांगी जा सकेंगी.
- संयुक्त सिविल सेवा अधियाचन: विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं को एक साथ भरने के लिए.
- स्वास्थ्य सेवा अधियाचन: स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पदों के लिए.
- अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग) सेवा अधियाचन: विभिन्न तकनीकी विभागों के लिए.
- व्यक्तिगत अधियाचन: किसी विशिष्ट पद की भर्ती के लिए.
कैसी होगी भर्ती प्रक्रिया
- प्रथम चरण (पद की पहचान): संबंधित विभाग खाली पदों का ब्यौरा, योग्यता, उम्र सीमा, अनुभव और आरक्षण रोस्टर को पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट करेगा.
- द्वितीय चरण (कार्मिक विभाग की निगरानी): विभाग इस प्रस्ताव को ऑनलाइन ‘कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग’ को भेजेगा.
- तृतीय चरण (सत्यापन और मंजूरी): कार्मिक विभाग डेटा की बारीकी से जांच करेगा और मंजूरी के बाद इसे जेपीएससी को फॉरवर्ड कर देगा.
- अंतिम चरण (विज्ञापन): अंत में, जेपीएससी इस डिजिटल डेटा के आधार पर विज्ञापन जारी करेगा। यदि डेटा में कोई विसंगति होती है, तो जेपीएससी उसे तुरंत ऑनलाइन सुधार के लिए संबंधित विभाग को वापस भेज सकेगा.
नई व्यवस्था के क्या होंगे फायदे
- फाइलों के इधर-उधर जाने की प्रशासनिक देरी अब इतिहास बन जाएगी, जिससे समय पर विज्ञापन जारी हो सकेंगे.
- हर स्तर पर डेटा ऑनलाइन होने से जवाबदेही सुनिश्चित होगी। जनता यह देख सकेगी कि किस विभाग में कितनी रिक्तियां हैं और प्रक्रिया किस स्तर पर है.
- अक्सर आरक्षण रोस्टर या योग्यता संबंधी गलतियों के कारण भर्तियाँ अदालतों में फंस जाती थीं. अब डेटा सीधे सिस्टम में दर्ज होगा, जिससे बाद के कानूनी विवादों की गुंजाइश खत्म हो जाएगी.
- पोर्टल पर हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं की सुविधा दी गई है, जिससे सरकारी कामकाज में सहूलियत होगी.


