Ranchi: झारखंड में भ्रष्टाचार के मामले में कमी आई है. एनसीआरबी के रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड में भ्रष्टाचार के मामलों में बहुत बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला है और स्थिति अन्य बड़े राज्यों की तुलना में काफी हद तक स्थिर बनी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 झारखंड में भ्रष्टाचार के कुल 67 मामले दर्ज किए गए थे. साल 2023 में यह आंकड़ा घटकर 55 पर पहुंच गया और साल 2024 आते आते पिछले वर्ष के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी के साथ यह संख्या 58 दर्ज की गई. यदि वर्ष 2022 की तुलना 2024 से की जाए, तो झारखंड में कुल दर्ज मामलों में कमी आई है.
झारखंड की स्थिति अपने कई पड़ोसी और बड़े राज्यों की तुलना में काफी बेहतर है
– झारखंड की स्थिति अपने कई पड़ोसी और बड़े राज्यों की तुलना में काफी बेहतर है. बिहार में साल 2022 में 108 मामले थे, जो 2023 में तेजी से घटकर 40 और 2024 में मात्र 26 रह गए. बिहार ने इन मामलों में बहुत सुधार दिखाया है.

– उत्तर प्रदेश में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत रही है. यहां 2022 में 89 मामले थे, जो 2023 में बढ़कर 169 और 2024 में सीधे 253पर पहुंच गए. यानी यूपी में भ्रष्टाचार के दर्ज मामलों में लगातार भारी वृद्धि हुई है.
– ओडिशा और मध्य प्रदेश में झारखंड के मुकाबले कहीं अधिक मामले हैं. ओडिशा में 2024 में 211 मामले और मध्य प्रदेश में 237 मामले दर्ज किए गए.
देश के सबसे अधिक भ्रष्टाचार प्रभावित राज्य
– आंकड़ों के मुताबिक, देश में भ्रष्टाचार निरोधक मामलों में महाराष्ट्र लगातार तीनों वर्षों से शीर्ष पर बना हुआ है. यहां साल 2022 में 749 साल 2023 में 812 और साल 2024 में 721 मामले सामने आये.
– तमिलनाडु में साल 2022 में 261 साल 2023 में 302 और साल 2024 में 364 मामले सामने आये.
– कर्नाटक में साल 2022 में 389, साल 2023 में 362 और साल 2024 में 334 मामले सामने आये.
– राजस्थान में साल 2022 में 511, साल 2023 में 316 और 2024 में 318 मामले सामने आये.


