News Wave Desk : देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसका असर लगभग सभी राज्यों में देखने को मिल रहा है. 6 जुलाई से कई राज्यों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन पर प्रभाव परेंगाा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 से 48 घंटों तक भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है.मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR, केरल, कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. कई स्थानों पर बारिश होने से नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने लगा, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है.
तेज बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित
महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, ठाणे, रायगढ़ और कोंकण क्षेत्र में तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया. कुछ स्थानों पर सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ, जबकि भूस्खलन की घटनाओं के बाद प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है. स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा हुआ है. गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में भी लगातार बारिश के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है. कई जगहों पर नदियां उफान पर हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. झारखंड, बिहार और ओडिशा में अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी जरूर लौटी है, क्योंकि धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि कई जिलों में जलजमाव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति भी बनने लगी है. जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन की टीमें आवश्यक स्थानों पर तैनात हैं.


विशेषज्ञों का कहना: कुछ दिनों तक मानसून पूरे देश में सक्रिय बना रहेगा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है. प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा नहीं करने की सलाह दी है. दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है. बारिश के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिली. केरल, कर्नाटक, गोवा और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी है. समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. तटीय जिलों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही सफर करें. विशेषज्ञों का कहना है कुछ दिनों तक मानसून पूरे देश में सक्रिय रहेगा. इसके चलते उत्तर, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने सभी संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.
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