Newswave Desk: अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास की सबसे मजबूत आधारशिलाओं में से एक और अपनी रफ्तार व लंबे बालों के लिए मशहूर पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान अब हमारे बीच नहीं रहे. महज 38 वर्ष की उम्र में इस जांबाज क्रिकेटर ने दुनिया को अलविदा कह दिया. शापूर के निधन से न सिर्फ अफगानिस्तान बल्कि पूरे विश्व क्रिकेट में शोक की लहर दौड़ गई है.
दुर्लभ बीमारी ने छीन लिया अफगानिस्तान का ‘हीरो‘
शापूर जादरान पिछले कई महीनों से ‘हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस’ नाम की एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे थे. इस घातक बीमारी के कारण उनका शरीर अंदरूनी इन्फेक्शन से लड़ नहीं पा रहा था और वह दिल्ली के अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर थे. हाल ही में राशिद खान और मोहम्मद नबी जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे और फैंस से दुआओं की अपील की थी. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.

जब शापूर ने रचा था इतिहास
अफगानिस्तान क्रिकेट को शून्य से शिखर तक लाने वाले खिलाड़ियों में शापूर जादरान का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. साल 2015 के वनडे वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड के खिलाफ जब अफगानिस्तान ने इतिहास की अपनी पहली वर्ल्ड कप जीत दर्ज की थी, तब शापूर जादरान ने ही आखिरी विजयी चौका लगाया था. चौका मारने के बाद हेलमेट उतारकर, बाहें फैलाकर उनका मैदान पर दौड़ना आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे भावुक पलों में गिना जाता है.
करियर पर एक नजर
- अंतरराष्ट्रीय सफर: शापूर ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 43 वनडे और 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले.
- शानदार गेंदबाजी: उन्होंने अपनी धारदार लेफ्ट-आर्म गेंदबाजी से वनडे में 43 और टी20 में 36 विकेट चटकाए.
- यादगार वर्ल्ड कप: 2015 के विश्व कप में उन्होंने अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाते हुए 6 मैचों में 10 विकेट झटके थे.


