Hazaribagh: रविवार रात से हो रही लगातार बारिश ने हजारीबाग जिले की बिजली व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है. सोमवार से शुरू हुई बिजली आपूर्ति की समस्या मंगलवार को भी बरकरार रही. शहर के गुरु गोविंद सिंह रोड, पीटीसी, कोर्ट रोड सहित कई इलाकों में दिनभर बिजली की आवाजाही बनी रही, जबकि कई स्थानों पर घंटों तक आपूर्ति पूरी तरह ठप रही. लगातार दो दिनों तक बिजली संकट से आम लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा. घरों में अंधेरा, पेयजल की समस्या, मोबाइल चार्जिंग में दिक्कत और इंटरनेट सेवाओं पर असर देखने को मिला. वहीं छोटे व्यवसायों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.
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सरकारी और निजी कार्यालयों का कामकाज प्रभावित
बिजली आपूर्ति बाधित रहने का असर सरकारी एवं निजी कार्यालयों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया. कई कार्यालयों में कंप्यूटर आधारित कार्य प्रभावित रहे, जिससे लोगों को आवश्यक सेवाएं प्राप्त करने में परेशानी हुई. जिन कार्यालयों में जनरेटर की व्यवस्था नहीं थी, वहां कामकाज लगभग ठप रहा.
स्कूलों में भी बढ़ी परेशानी
बिजली नहीं रहने के कारण कई निजी और सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई. स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और अन्य विद्युत आधारित गतिविधियां संचालित नहीं हो सकीं. उमस भरे मौसम में विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
लोगों में बढ़ा आक्रोश
लगातार दूसरे दिन बिजली संकट से लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार बारिश होने पर बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है. यदि मौसम सामान्य होने के बाद भी घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती, तो यह विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
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देर शाम तक भी सामान्य नहीं हो सकी आपूर्ति
मंगलवार देर शाम तक भी कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी थी. कहीं बिजली आती-जाती रही तो कहीं लंबे समय तक कटौती जारी रही. इससे लोगों को दैनिक कार्यों के साथ-साथ रात की तैयारियों में भी परेशानी उठानी पड़ी.
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए जर्जर तारों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत उपकरणों की समय रहते मरम्मत कराई जाए, ताकि हर बारिश के बाद शहर को बिजली संकट का सामना न करना पड़े. लोगों का कहना है कि आधुनिक शहर की पहचान केवल विकास कार्यों से नहीं, बल्कि निर्बाध बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी होती है.


