रांचीः यूनिसेफ ने झारखंड विधानसभा में ‘जेंडर रेस्पॉन्सिव सेकेंडरी एजुकेशन’ पर राउंडटेबल चर्चा का आयोजन किया, जिसमें राज्य में किशोरियों के लिए माध्यमिक शिक्षा तक पहुंच, निरंतरता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया. झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा राज्य की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि जब लड़कियां माध्यमिक शिक्षा पूरी करती हैं, तो इससे न केवल उनका जीवन बदलता है, बल्कि परिवार, समाज और पूरे राज्य के विकास को भी मजबूती मिलती है.

निवेश और साझेदारी की आवश्यकता
यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख डॉ. कनीनिका मित्र ने कहा कि बालिकाओं के लिए माध्यमिक शिक्षा में निवेश किसी भी समाज के लिए सबसे प्रभावशाली निवेशों में से एक है. उन्होंने कहा कि जेंडर-रेस्पॉन्सिव शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए मजबूत साझेदारी और निवेश आवश्यक है.
चुनौतियों का सामना
यूनिसेफ की शिक्षा विशेषज्ञ पारुल शर्मा ने कहा कि नामांकन में सुधार के बावजूद लड़कियों के लिए शिक्षा की निरंतरता, उच्च माध्यमिक स्तर तक पढ़ाई को जारी रखने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं.

